Hanumanji Ki Aarti - Goswami Tulsidas
Artist: Murli Manohar Swarup
Hanumanji Ki Aarti - Goswami Tulsidas
Lyrics with Meaning
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आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की जाके बल से गिरिवर कांपे रोग दोष जाके निकट न झांके
Verse 2
Original
अंजनी पुत्र महा बलदायी संतन के प्रभु सदा सहाई दे बीड़ा रघुनाथ पठाए लंका जार सिया सुध लाए लंका सो कोट समुद्र से खाई जात पवनसुत हार न लाई लंका जार असुर संहारे सिया रामजी के काज संवारे लक्ष्मण मूर्छित पड़े धरनी में लाए संजीवन प्राण उबारे बैठि पाताल तोरी जम कारे अहि रावण की भुजा उखारे
Verse 3
Original
बाईं भुजा असुर संहारे दाईं भुजा सब संत उबारे सुर, नर, मुनिजन आरती उतारे जय जय जय हनुमान उचारे कंचन थार कपूर की बाती आरती करत अंजना माई
Verse 4
Original
जो हनुमानजी की आरती गावी बसी बैकुंठ परम पद पावे लंका विध्वंस कीजै रघुराई तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई
Verse 5
Original
आरती कीजै हनुमान लला की दुष्ट दलन रघुनाथ कला की आरती कीजै हनुमान लला की
Sanjeevani Bhelande