निःशुल्क कुंडली (जन्म कुंडली)

आपकी जन्म कुंडली: लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति और दशा।

हम इसका उपयोग आपकी कुंडली और समय-समय पर अपडेट साझा करने के लिए करेंगे।

अपनी कुंडली कैसे पढ़ें

आपकी कुंडली, या जन्म कुंडली, आपके जन्म के सटीक समय और स्थान पर आकाश का चित्र है। इसे बारह भावों में बनाया जाता है, और प्रत्येक भाव जीवन के एक क्षेत्र को दर्शाता है, स्वयं, धन, भाई-बहन, घर, संतान, स्वास्थ्य, विवाह, आयु, भाग्य, कर्म, लाभ और व्यय, जिनमें ग्रह उन्हीं राशियों में स्थित दिखाए जाते हैं जहाँ वे जन्म के उस क्षण पर थे।

सबसे पहले लग्न देखें, जिसे चार्ट पर 'लग्न' के रूप में दर्शाया जाता है। यह जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित होने वाली राशि है और हर भाव का आधार-बिंदु तय करती है, इसीलिए सटीक जन्म समय महत्वपूर्ण है। इसके बाद अपनी चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र देखें, जो आपके मन और भावनाओं को आकार देते हैं तथा आपके नाम, मुहूर्त और दैनिक राशिफल का पारंपरिक आधार हैं।

ग्रह और दशा क्या बताते हैं

प्रत्येक ग्रह उसी राशि और भाव में दिखाया जाता है जहाँ वह स्थित है। किसी ग्रह की स्थिति, उसके स्वामित्व वाले भाव और अन्य ग्रहों के साथ उसके संबंध को मिलाकर उसका प्रभाव आँका जाता है, गुरु और शुक्र जैसे नैसर्गिक शुभ ग्रह, शनि, मंगल, राहु और केतु जैसे नैसर्गिक पाप ग्रह, तथा वे कार्यगत भूमिकाएँ जो आपके लग्न पर निर्भर करती हैं।

विंशोत्तरी दशा तालिका आपके जीवन को 120 वर्ष के चक्र में ग्रह-अवधियों (महादशाओं) में बाँटती है, जिनमें से प्रत्येक अंतर्दशाओं में विभाजित होती है। आपकी वर्तमान महादशा उजागर की जाती है, जो बताती है कि इस समय आपके जीवन में कौन-सा ग्रह सबसे सक्रिय है। यह निःशुल्क चार्ट लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश और पूर्ण-राशि भाव पद्धति से गणना किया जाता है, जो भारत सरकार और अधिकांश वैदिक ज्योतिषियों द्वारा अपनाया गया मानक है। योग, दोष और उपायों के विस्तृत विश्लेषण के लिए इस चार्ट को आरंभिक बिंदु मानें और किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंडली क्या होती है?

कुंडली (जन्म कुंडली) एक वैदिक जन्म चार्ट है, जो आपके जन्म के सटीक समय और स्थान पर ग्रहों, लग्न तथा चंद्र राशि की स्थिति को दर्शाती है। यही वैदिक ज्योतिष (जन्मपत्री) का आधार है।

कुंडली बनाने के लिए किन जानकारियों की आवश्यकता होती है?

आपको अपनी जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान की आवश्यकता होती है। सटीक जन्म समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि लग्न और भाव लगभग हर दो घंटे में बदलते रहते हैं।

यह कुंडली कौन-सा अयनांश उपयोग करती है?

यह कुंडली लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश का उपयोग करती है, जो भारत सरकार और अधिकांश वैदिक ज्योतिषियों द्वारा मान्य मानक है, तथा पूर्ण-राशि भाव पद्धति अपनाती है।

विंशोत्तरी दशा क्या है?

विंशोत्तरी दशा 120 वर्षों की ग्रह-अवधि प्रणाली है, जो जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र पर आधारित होती है। यह दर्शाती है कि जीवन के प्रत्येक चरण पर कौन-सा ग्रह शासन करता है। आपकी वर्तमान महादशा परिणाम में उजागर की जाती है।

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