Shani Dev
Shani Dev
Lyrics with Meaning
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जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी जय देव, जय देव
(जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी)
Original
(सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी) (जय देव, जय देव)
Verse 3
Original
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी (श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी) (नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी) (जय देव, जय देव)
(जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी)
Original
(सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी) (जय देव, जय देव)
Verse 5
Original
क्रीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी (क्रीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी) (मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी) (जय देव, जय देव)
(जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी)
Original
(सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी) (जय देव, जय देव)
Verse 7
Original
मोदक, मिष्ठान, पान चढ़त है सुपारी लोहा, तिल, तेल, उड़द महिषी अति प्यारी (मोदक, मिष्ठान, पान चढ़त है सुपारी) (लोहा, तिल, तेल, उड़द महिषी अति प्यारी) (जय देव, जय देव)
(जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी)
Original
(सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी) (जय देव, जय देव)
Verse 9
Original
देव-दनुज, ऋषि-मुनि सुमिरत नर-नारी विश्वनाथ धरत ध्यान शरण है तुम्हारी (देव-दनुज, ऋषि-मुनि सुमिरत नर-नारी) (विश्वनाथ धरत ध्यान शरण है तुम्हारी) (जय देव, जय देव)
(जय-जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी)
Original
(सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी) (जय देव, जय देव)
Vishwajeet Borwankar