भगवद गीता अध्याय 12 — भक्ति योग की व्याख्या
भगवद गीता अध्याय 12 से भक्ति योग को समझना
परिचय
महत्व
उच्चारण का सर्वोत्तम समय
अपना सटीक शुभ समय जानें अपने शहर और तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखें।
उच्चारण विधि
- 1अपनी पीठ सीधी रखकर आराम से बैठें और अपनी आँखें बंद करें
- 2अपने मन को शांत करने के लिए अपनी सांस या किसी मंत्र पर ध्यान केंद्रित करें
- 3अपने देवता के स्वरूप का ध्यान करें और प्रार्थना और भक्ति अर्पित करें
- 4अपने जीवन, कार्यों और इरादों पर विचार करें, और अपने देवता से मार्गदर्शन मांगें
मंत्र
Om Shri Krishnaaya Namaha
ॐ श्री कृष्णाय नमः
Om Shri Krishnaaya Namaha
अर्थ: Salutations to Lord Krishna
Om Shri Ramaaya Namaha
ॐ श्री रामाय नमः
Om Shri Ramaaya Namaha
अर्थ: Salutations to Lord Rama
Om Namaha Shivaya
ॐ नमः शिवाय
Om Namaha Shivaya
अर्थ: Salutations to Lord Shiva
करें
- ✓खुले मन और हृदय से अभ्यास करें
- ✓धैर्यवान और दृढ़ रहें
- ✓आध्यात्मिक ग्रंथों या गुरु से मार्गदर्शन लें
न करें
- ✗भौतिक लाभ प्राप्त करने के इरादे से अभ्यास न करें
- ✗अपने अभ्यास के दौरान विकर्षणों से बचें
- ✗दूसरों के अभ्यासों की आलोचना या निर्णय न लें
सामान्य गलतियाँ
- •निरंतरता की कमी
- •विचलित मन
- •गलत इरादे
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भक्ति योग क्या है?▾
भक्ति योग का अभ्यास कैसे करें?▾
भक्ति योग के लाभ क्या हैं?▾
लोकप्रिय टूल
संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ
- •भगवद गीता
- •अन्य पवित्र हिंदू शास्त्र
- •आध्यात्मिक गुरुओं और संतों की शिक्षाएं
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