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Krishna Chalisa

Artist: Ravindra Sathe

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Krishna Chalisa

Duration: 10:04Tap to play

Lyrics with Meaning

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Original

बंशी शोभित कर मधुर नील जलद तनु श्याम अरुण अधर जनु बिम्बफल नयन कमल अभिराम नयन कमल अभिराम नयन कमल अभिराम

Verse 2

Original

जय यदुनंदन जय जगवंदन जय वसुदेव देवकी नन्दन जय यशुदा सुत नन्द दुलारे जय प्रभु भक्तन के रखवारे

Verse 3

Original

जय नटनागर, नाग नथइया कृष्ण कन्हइया धेनु चरइया पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो आओ दीनन कष्ट निवारो

Verse 4

Original

वंशी मधुर अधर धरि तेरी होवे पूर्ण मनोरथ मेरी आओ हरि पुनि माखन चाखो आज लाज भारत की राखो

Verse 5

Original

गोल कपोल, चिबुक अरुणारे मृदु मुस्कान मोहिनी डारे रंजीत राजिव नयन विशाला मोर मुकुट वैजन्तीमाला

Verse 6

Original

कुंडल श्रवण, पीत पट आछे कटि किंकिणी काछनी काछे नील जलज सुन्दर तनु सोहे छबि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे

Verse 7

Original

मस्तक तिलक, अलक घुँघराले आओ श्याम बांसुरी वाले करि पय पान, पूतनहि तार्यो अका बका कागासुर मार्यो

Verse 8

Original

मधुवन जलत अगिन जब ज्वाला भै शीतल लखतहिं नंदलाला सुरपति जब ब्रज चढ़्यो रिसाई मूसर धार बारि बर्षाई

Verse 9

Original

लगत लगत व्रज चहन बहायू गोवर्धन नख धारि बचायू लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई मुख मंह १४ भुवन दिखाई

Verse 10

Original

दुष्ट कंस अति उधम मचायो कोटि कमल जब फूल मंगायो नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें चरण चिह्न दै निर्भय कीन्हें

Verse 11

Original

करि गोपिन संग रास विलासा सबकी पूरण करी अभिलाषा केतिक महा असुर संहार्यो कंसहि केस पकड़ि दै मार्यो

Verse 12

Original

मात-पिता की बन्दि छुड़ाई उग्रसेन कहँ राज दिलाई महि से मृतक छहों सुत लायो मातु देवकी शोक मिटायो

Verse 13

Original

भौमासुर मुर दैत्य संहारी लाये षट दश सहसकुमारी दै भीमहिं तृण चीर सहारा जरासिंधु राक्षस कहँ मारा

Verse 14

Original

असुर बकासुर आदिक मार्यो भक्तन के तब कष्ट निवार्यो दीन सुदामा के दुःख तार्यो तंदुल तीन मूंठि मुख डार्य

Verse 15

Original

प्रेम के साग विदुर घर मांगे दुर्योधन के मेवा त्यागे लखि प्रेम की महिमा भारी ऐसे श्याम दीन हितकारी

Verse 16

Original

भारत के पारथ रथ हांके लिए चक्र कर नहिं बल ताके निज गीता के ज्ञान सुनाये भक्तन ह्रदय सुधा बर्षाये

Verse 17

Original

मीरा थी ऐसी मतवाली विष पी गई बजाकर ताली राना भेजा सांप पिटारी शालिग्राम बने बनवारी

Verse 18

Original

निज माया तुम विधिहिं दिखायो उर ते संशय सकल मिटायो तब शत निन्दा करी तत्काला जीवन मुक्त भयो शिशुपाला

Verse 19

Original

जबहिं द्रौपदी तेर लगाई दीनानाथ लाज अब जाई तुरतहिं वसन बने ननन्दलाला बढ़े चीर भै अरि मुँह काला

Verse 20

Original

अस अनाथ के नाथ कन्हैया डूबत भंवर बचावत नैया सुन्दरदास आस उर धारी दयादृष्टि कीजै बनवारी

Verse 21

Original

नाथ सकल मम कुमति निवारो क्षमहु बेगि अपराध हमारो खोलो पट अब दर्शन दीजै बोलो कृष्ण कन्हैया की जै

Verse 22

Original

पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख पीताम्बर शुभ साज जय मनमोहन मदन छवि कृष्णचन्द्र महाराज कृष्णचन्द्र महाराज कृष्णचन्द्र महाराज

Ketan Patwardhan

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