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Shani Dev Aarti

Artist: Traditional

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Shani Dev Aarti

Duration: 4:01Tap to play

Lyrics with Meaning

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Original

जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी जय देव, जय देव

(जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी)

Original

(सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी) (जय देव, जय देव)

Verse 3

Original

श्याम अंग, वक्र-दृष्टि, चतुर्भुजा धारी नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी (श्याम अंग, वक्र-दृष्टि, चतुर्भुजा धारी) (नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी) (जय देव, जय देव)

(जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी)

Original

(सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी) (जय देव, जय देव)

Verse 5

Original

किरीट मुकुट शीश, सहज दिपत है लिलारी मुक्तन की माला गले, शोभित बलिहारी (किरीट मुकुट शीश, सहज दिपत है लिलारी) (मुक्तन की माला गले, शोभित बलिहारी) (जय देव, जय देव)

(जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी)

Original

(सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी) (जय देव, जय देव)

Verse 7

Original

मोदक, मिष्ठान, पान चढ़त है, सुपारी लोहा, तिल, तेल, उड़द, महिषी अति प्यारी (मोदक, मिष्ठान, पान चढ़त है, सुपारी) (लोहा, तिल, तेल, उड़द, महिषी अति प्यारी) (जय देव, जय देव)

(जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी)

Original

(सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी) (जय देव, जय देव)

Verse 9

Original

देव-दनुज, ऋषि-मुनि, सुमिरत नर-नारी विश्वनाथ धरत ध्यान, शरण है तुम्हारी (देव-दनुज, ऋषि-मुनि, सुमिरत नर-नारी) (विश्वनाथ धरत ध्यान, शरण है तुम्हारी) (जय देव, जय देव)

(जय-जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी)

Original

(सूरज के पुत्र, प्रभु, छाया महतारी) (जय देव, जय देव)

Vishwajeet Borwankar, Priyanka Sarvadnya

AartiShaniSaturday

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