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भुवनेश्वरी जी की आरती — संपूर्ण गीत, महत्व, विधि और लाभ

भुवनेश्वरी जी की आरती के संपूर्ण गीत, महत्व और लाभों के बारे में जानें

By Sanatan Hindu3 min readUpdated 10 August 2026Audio available
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Bhuvaneshwari — Hindu Deity

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Sunday, 11 October 2026· in 60 days

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परिचय

भुवनेश्वरी जी की आरती एक श्रद्धेय हिंदू अनुष्ठान है जो ब्रह्मांड की साक्षात स्वरूप मां भुवनेश्वरी को समर्पित है। यह आरती दिव्य स्त्री शक्ति के प्रति भक्ति, कृतज्ञता और समर्पण की एक सुंदर अभिव्यक्ति है। यह हिंदू पूजा का एक अभिन्न अंग है, जो देवी और संपूर्ण ब्रह्मांड के साथ जुड़ाव की गहरी भावना को बढ़ावा देती है। इस अनुष्ठान में पवित्र मंत्रों के पाठ के साथ-साथ दीप अर्पित करना शामिल है, जो आत्मा के प्रकाश का प्रतीक है। भुवनेश्वरी जी की आरती मां भुवनेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त करने, आध्यात्मिक उन्नति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए उनकी कृपा का आह्वान करने के लिए की जाती है। यह आरती आमतौर पर सामूहिक रूप से गाई जाती है, जिससे समुदाय और सामूहिक भक्ति की भावना पैदा होती है। इस लेख में, हम भक्तों के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करते हुए भुवनेश्वरी जी की आरती के संपूर्ण बोल, महत्व, विधि और लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे। इस आरती का महत्व भक्त को ईश्वर के करीब लाने, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक विकास की भावना को बढ़ावा देने की इसकी क्षमता में निहित है। इस आरती को करने से व्यक्ति मां भुवनेश्वरी के आशीर्वाद का आह्वान कर सकता है, जीवन के सभी पहलुओं में उनका मार्गदर्शन और सुरक्षा प्राप्त कर सकता है।

महत्व

हिंदू पूजा में भुवनेश्वरी जी की आरती का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह भक्त को मां भुवनेश्वरी के करीब लाती है। यह आरती दिव्य स्त्री शक्ति के प्रति भक्ति, कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने तथा आध्यात्मिक विकास, समृद्धि और सुरक्षा के लिए उनका आशीर्वाद मांगने का एक माध्यम है। ऐसा माना जाता है कि इस अनुष्ठान का भक्त के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे सकारात्मक बदलाव और परिवर्तन आते हैं। इस आरती को करने से व्यक्ति देवी की कृपा का आह्वान कर सकता है और जीवन के सभी पहलुओं में उनका मार्गदर्शन और सुरक्षा प्राप्त कर सकता है। यह आरती आंतरिक शांति, सौम्यता और आध्यात्मिक जागरूकता की भावना विकसित करने का भी एक माध्यम है, जिससे भक्त को जीवन की चुनौतियों का अधिक आसानी और बुद्धिमत्ता से सामना करने में मदद मिलती है।

आरती का सर्वोत्तम समय

भुवनेश्वरी जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय संध्या काल में, विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद का माना जाता है। इसे एक शुभ समय माना जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह समय देवी को अत्यंत प्रिय है। हालांकि, भक्त अपनी सुविधा और समय सारणी के अनुसार दिन के किसी भी समय यह आरती कर सकते हैं। शुद्ध हृदय और मन से देवी और अनुष्ठान पर ध्यान केंद्रित करते हुए आरती करना आवश्यक है। यह आरती किसी भी दिन की जा सकती है, लेकिन शुक्रवार के दिन इसे करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, जो देवी की पूजा के लिए समर्पित दिन है।

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आरती कैसे करें

  1. 1दीपक या दिया जलाकर 'ॐ भुवनेश्वर्यै नमः' मंत्र का जाप करते हुए शुरुआत करें
  2. 2'ॐ भुवनेश्वर्यै स्वाहा' मंत्र का जाप करते हुए अगरबत्ती या धूप अर्पित करें
  3. 3'ॐ भुवनेश्वर्यै इदं न मम' मंत्र का जाप करते हुए फूल और फल अर्पित करें
  4. 4भक्ति और समर्पण के साथ भुवनेश्वरी जी की आरती का संपूर्ण पाठ करें

मंत्र

Bhuvaneshwari Ji Ki Aarti

जय जय हे भुवनेश्वरी माता

Jaya Jaya He Bhuvaneshwari Mata

अर्थ: Victory to you, O Mother Bhuvaneshwari, the ruler of the universe

Bhuvaneshwari Ji Ki Aarti

जय जय हे जगदंबा माता

Jaya Jaya He Jagadamba Mata

अर्थ: Victory to you, O Mother Jagadamba, the mother of the universe

Bhuvaneshwari Ji Ki Aarti

जय जय हे भुवनेश्वरी देवी

Jaya Jaya He Bhuvaneshwari Devi

अर्थ: Victory to you, O Goddess Bhuvaneshwari, the ruler of the universe

Bhuvaneshwari Ji Ki Aarti

जय जय हे माता भुवनेश्वरी

Jaya Jaya He Mata Bhuvaneshwari

अर्थ: Victory to you, O Mother Bhuvaneshwari, the ruler of the universe

करें

  • नियमित रूप से आरती करें, अधिमानतः प्रतिदिन
  • देवी को फूल और फल अर्पित करें
  • भक्ति और समर्पण के साथ भुवनेश्वरी जी की आरती के संपूर्ण बोल का पाठ करें

न करें

  • अशुद्ध हृदय या मन से आरती न करें
  • आरती करते समय दूसरों का ध्यान न भटकाएं
  • व्यक्तिगत लाभ या स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आरती का उपयोग न करें

सामान्य गलतियाँ

  • उचित तैयारी या शुद्धि के बिना आरती करना
  • मंत्रों का गलत तरीके से या बिना भक्ति के पाठ करना
  • आरती के दौरान शांत और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए न रखना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भुवनेश्वरी जी की आरती का क्या महत्व है?
भुवनेश्वरी जी की आरती एक श्रद्धेय हिंदू अनुष्ठान है जिसका हिंदू पूजा में बहुत महत्व है, क्योंकि माना जाता है कि यह भक्त को मां भुवनेश्वरी के करीब लाती है।
भुवनेश्वरी जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय क्या है?
भुवनेश्वरी जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय संध्या काल, विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद है।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • इस अनुष्ठान का उल्लेख विभिन्न हिंदू ग्रंथों में मिलता है, जिनमें देवी माहात्म्यम और भुवनेश्वरी तंत्र शामिल हैं

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