नवरात्रि व्रत के नियम - संपूर्ण उपवास एवं पूजा विधि

नवरात्रि व्रत की संपूर्ण जानकारी, जिसमें दैनिक रंग, उपवास के नियम, फलाहार, माँ दुर्गा के नौ रूप और सभी नौ रातों की पूजा विधि शामिल है।

By HinduismCore Team1 min readUpdated 10 August 2026Audio available
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Durga — Hindu Deity

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परिचय

नवरात्रि, जिसका अर्थ है 'नौ रातें', हिंदू धर्म के सबसे जीवंत और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। वर्ष में दो बार — चैत्र नवरात्रि (बसंत) और शारदीय नवरात्रि (शरद) — मनाई जाने वाली यह नवरात्रि देवी दुर्गा के नौ रूपों का उत्सव मनाती है।
इन नौ दिनों और रातों के दौरान श्रद्धालु कड़ा उपवास रखते हैं, दैनिक पूजा करते हैं और दिव्य स्त्री शक्ति (शक्ति) का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

महत्व

नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। प्रत्येक दिन देवी दुर्गा (नवदुर्गा) के एक अलग रूप को समर्पित है। माना जाता है कि नौ रातों की पूजा से आत्मा शुद्ध होती है, बाधाएं दूर होती हैं और दिव्य कृपा प्राप्त होती है।

करने का सर्वोत्तम समय

चैत्र नवरात्रि (मार्च-अप्रैल) और शारदीय नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर) मुख्य नवरात्रि अवधियाँ हैं। इनमें शारदीय नवरात्रि सबसे व्यापक रूप से मनाई जाती है।

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आवश्यक सामग्री

माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र
घटस्थापना के लिए कलश
जौ बोने के लिए बीज और मिट्टी
लाल चुनरी
फूल, धूप और दीपक
फल और फलाहार सामग्री
नारियल
अखंड ज्योति दीपक (वैकल्पिक)

तैयारी के चरण

  1. 1पूजा स्थल की अच्छी तरह से सफाई करें
  2. 2पहले दिन घटस्थापना की तैयारी करें
  3. 3तय करें कि आप किस प्रकार के व्रत का पालन करेंगे
  4. 4नौ दिनों के लिए सात्विक आहार की योजना बनाएं

चरण-दर-चरण विधि

  1. 1पहला दिन: माँ शैलपुत्री की पूजा — घटस्थापना करें
  2. 2दूसरा दिन: माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा
  3. 3तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा की पूजा
  4. 4चौथा दिन: माँ कूष्मांडा की पूजा
  5. 5पांचवां दिन: माँ स्कंदमाता की पूजा
  6. 6छठा दिन: माँ कात्यायनी की पूजा
  7. 7सातवां दिन: माँ कालरात्रि की पूजा
  8. 8आठवां दिन: माँ महागौरी की पूजा — अष्टमी पूजा और कन्या पूजन करें
  9. 9नौवां दिन: माँ सिद्धिदात्री की पूजा — नवमी हवन करें
  10. 10दसवां दिन: विजयादशमी — विजय उत्सव मनाएं

मंत्र

Durga Mantra

ॐ दुं दुर्गायै नमः

Om Dum Durgaye Namaha

अर्थ: Salutations to Goddess Durga

व्रत के नियम

  • कठोर व्रत — दिन में केवल एक बार फलाहारी/मान्य भोजन
  • कुछ भक्त केवल फल और दूध का सेवन करते हैं
  • चावल, गेहूं, प्याज, लहसुन और मांसाहार का त्याग किया जाता है
  • साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा और सेंधा नमक मान्य है
  • कुछ भक्त अष्टमी या नवमी पर निर्जला व्रत रखते हैं

करें

  • पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखें
  • यदि संकल्प लिया है तो अखंड ज्योति जलाएं
  • प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें
  • अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन करें
  • प्रत्येक दिन के लिए निर्धारित रंग के वस्त्र पहनें

न करें

  • तामसिक भोजन का सेवन न करें
  • शराब और मांसाहारी भोजन से दूर रहें
  • नौ दिनों के दौरान नाखून या बाल न काटें (कुछ परंपराओं के अनुसार)
  • नकारात्मक विचारों, वाणी और कर्मों से बचें

सामान्य गलतियाँ

  • साधारण नमक के बजाय सेंधा नमक का उपयोग न करना
  • एक बार शुरू करने के बाद पूरे नौ दिन का व्रत पूरा न करना
  • व्रत के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सीमाओं की अनदेखी करना

क्षेत्रीय विविधताएँ

  • गुजराती नवरात्रि में गरबा और डांडिया उत्सव मुख्य आकर्षण होते हैं
  • बंगाली परंपरा में भव्य पंडालों के साथ दुर्गा पूजा मनाई जाती है (छठे से दसवें दिन)
  • दक्षिण भारतीय नवरात्रि में गोलू/कोलू गुड़िया प्रदर्शनी शामिल है
  • उत्तर भारतीय परंपरा में उपवास और कन्या पूजन पर विशेष जोर दिया जाता है

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नवरात्रि के दौरान आलू खा सकते हैं?
हाँ, नवरात्रि के व्रत में आलू, शकरकंद और अन्य कंदमूल सामान्यतः खाए जा सकते हैं।
नवरात्रि 2025 के नौ रंग कौन से हैं?
रंग हर साल शुरुआत के दिन के आधार पर बदलते हैं। किसी विश्वसनीय पंचांग से चालू वर्ष की नवरात्रि रंग तालिका देखें।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • नवरात्रि की परंपराओं का उल्लेख देवी माहात्म्यम् (दुर्गा सप्तशती) में मिलता है
  • मार्कंडेय पुराण में नवदुर्गा का विस्तृत वर्णन है

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