राधा जी की आरती — संपूर्ण विधि, लिरिक्स और महत्व
राधा जी की आरती संपूर्ण लिरिक्स, महत्व और लाभ सहित
परिचय
महत्व
आरती का सर्वोत्तम समय
अपना सटीक शुभ समय जानें अपने शहर और तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखें।
आरती कैसे करें
- 1सर्वप्रथम एक शांत स्थान पर रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर और नेत्र बंद करके आरामदायक मुद्रा में बैठें
- 2अपने मन को शांत और एकाग्र करने के लिए कुछ गहरी व धीमी सांसें लें और छोड़ें
- 3एक शांत और ध्यानमयी वातावरण निर्मित करने के लिए धूपबत्ती और दीपक प्रज्वलित करें
- 4भक्ति और कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप श्री राधा रानी को फल या प्रसाद अर्पित करें
- 5पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा के साथ आरती का गायन प्रारंभ करें, तथा इसके शब्दों और मधुर ध्वनि को स्वयं में आध्यात्मिक आनंद का संचार करने दें
मंत्र
Radha Ji Ki Aarti
श्रीराधिका की आरती
Shri Radhika ki aarti
अर्थ: Aarti of Radha
First Verse
श्रीराधिका की आरती, जो कोई जन गाए
Shri Radhika ki aarti, jo koi jan gaaye
अर्थ: The aarti of Radha, whoever sings it
Second Verse
चहुं दिशि से धन-धन्य, श्रीराधा की महिमा
Chahum disi se dhan-dhanya, Shri Radha ki mahima
अर्थ: Wealth and prosperity come from all directions, due to Radha's greatness
Third Verse
श्रीराधा की कृपा, से सब कुछ मिल जाए
Shri Radha ki kripa, se sab kuch mil jaye
अर्थ: Due to Radha's kindness, everything is attained
करें
- ✓भक्ति और प्रेम भाव को सुदृढ़ करने के लिए नियमित रूप से आरती करें
- ✓आदर और श्रद्धा भाव प्रकट करने हेतु श्री राधा जी को पुष्प और धूप अर्पित करें
- ✓इसके आध्यात्मिक महत्व को आत्मसात करने के लिए एकाग्रचित्त होकर आरती सुनें व गाएं
न करें
- ✗बिना श्रद्धा, भाव या ध्यान के केवल यांत्रिक रूप से आरती न करें
- ✗आरती के दौरान फोन का उपयोग करने या दूसरों से बात करने जैसे व्यवधानों से बचें
- ✗आरती के किसी भी भाग या छंद को न छोड़ें, अन्यथा इसका पूर्ण आध्यात्मिक फल प्राप्त नहीं होता
सामान्य गलतियाँ
- •पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा के बिना आरती करना
- •श्री राधा जी को फल या प्रसाद अर्पित न करना
- •व्रत के दौरान मांसाहारी या तामसिक भोजन ग्रहण करना
- •व्रत के समय मन में अशांति या नकारात्मक विचार रखना
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राधा जी की आरती का क्या महत्व है?▾
राधा जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय कौन सा है?▾
लोकप्रिय टूल
संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ
- •श्रीमद्भागवत पुराण में इस आरती और राधा-भक्ति को आध्यात्मिक उन्नति व आत्म-साक्षात्कार के साधन के रूप में वर्णित किया गया है
- •पद्म पुराण में भी राधा जी की कृपा और उनके अलौकिक प्रेम की प्राप्ति के लिए इस स्तुति व आरती का उल्लेख मिलता है
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Radha Aarti
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