Mantras & StotrasKrishnaJanmashtami

मधुराष्टकम: अधरं मधुरम् पाठ और अर्थ

भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति करने वाले भक्तिमय स्तोत्र, मधुराष्टकम के महत्व को जानें

By Sanatan Hindu2 min readUpdated 16 October 2026Audio available
Share:
Getting married? Create your invitationBeautiful digital wedding invites & family RSVP tracking — free to build
Madhurashtakam: Adharam Madhuram Lyrics and Meaning

Next Janmashtami

Tuesday, 24 August 2027· in 310 days

Set a reminder so you never miss Janmashtami.

परिचय

मधुराष्टकम, जिसे अधरं मधुरम् के नाम से भी जाना जाता है, एक आदरणीय हिंदू भक्ति स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों का गुणगान करता है। यह पवित्र रचना प्रभु के मनमोहक और मधुर स्वभाव के प्रति एक समर्पित काव्य है, जो मानव हृदय पर भक्ति के गहरे प्रभाव पर बल देता है। इस स्तोत्र की सुंदरता भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप के काव्यात्मक वर्णन और उनके प्रेम की परिवर्तनकारी शक्ति में निहित है। एक लयात्मक और मधुर शैली में रचित, मधुराष्टकम हिंदू भक्ति का एक प्रमुख आधार रहा है, जिसने अनगिनत भक्तों को ईश्वर के साथ अपने आध्यात्मिक संबंध को गहरा करने के लिए प्रेरित किया है। इस स्तोत्र का महत्व केवल इसके काव्यात्मक सौंदर्य तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि यह भक्ति योग के सार को मूर्तरूप प्रदान करता है—एक ऐसा आध्यात्मिक मार्ग जो प्रेम और समर्पण के माध्यम से भक्त को ईश्वर से जोड़ने का प्रयास करता है। मधुराष्टकम का पाठ और चिंतन करके, भक्त आध्यात्मिक जागृति और आंतरिक शांति की गहरी अनुभूति प्राप्त कर सकते हैं। प्रेम, करुणा और आत्म-समर्पण का इस स्तोत्र का संदेश सदियों से भक्तों के दिलों में गूंजता रहा है, जो इसे हिंदू आध्यात्मिक धरोहर का एक अभिन्न अंग बनाता है।

महत्व

हिंदू धर्म में मधुराष्टकम का अत्यधिक महत्व है क्योंकि यह भक्ति योग के मूल सिद्धांतों को समाहित करता है, जो आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में भक्ति, प्रेम और आत्म-समर्पण के महत्व पर जोर देता है। मान्यता है कि इस स्तोत्र का पाठ भक्त को भगवान श्रीकृष्ण के निकट लाता है, जिससे आत्मीयता और आध्यात्मिक विकास की भावना गहरी होती है। मधुराष्टकम में वर्णित प्रभु के दिव्य गुणों में स्वयं को लीन करके, व्यक्ति अपने हृदय और मन में एक गहरा परिवर्तन अनुभव कर सकता है, जो उसे अधिक दयालु, प्रेमी और आध्यात्मिक रूप से जागरूक बनाता है।

उच्चारण का सर्वोत्तम समय

मधुराष्टकम का पाठ करने का सबसे उत्तम समय प्रातः काल का समय है, जिसे ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है, या फिर संध्या काल है, जब मन शांत और आध्यात्मिक चिंतन के लिए ग्रहणशील होता है। हालांकि, भक्त जब भी मानसिक स्पष्टता और भक्ति भाव की स्थिति में हो, दिन के किसी भी समय इस स्तोत्र का पाठ किया जा सकता है।

अपना सटीक शुभ समय जानें अपने शहर और तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखें।

उच्चारण विधि

  1. 1भक्ति और एकाग्रता के साथ मधुराष्टकम का पाठ शुरू करें
  2. 2प्रत्येक श्लोक के अर्थ और महत्व पर विचार करें
  3. 3भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करें और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें
  4. 4आंतरिक शांति और आध्यात्मिक तृप्ति के भाव के साथ पाठ का समापन करें

मंत्र

Adharam Madhuram

अधरं मधुरं, वदनं मधुरं, नयनं मधुरं, हसितं मधुरम्

Adharam madhuram, vadanam madhuram, nayanam madhuram, hasitam madhuram

अर्थ: Your lips are sweet, your face is sweet, your eyes are sweet, your smile is sweet

Vacanam Madhuram

वचनं मधुरं, वचनं मधुरं, वचनं मधुरं, वचनं मधुरम्

Vachanam madhuram, vachanam madhuram, vachanam madhuram, vachanam madhuram

अर्थ: Your words are sweet, your words are sweet, your words are sweet, your words are sweet

Valitam Madhuram

वलितं मधुरं, चलितं मधुरं, नृत्यं मधुरं, स्मितं मधुरम्

Valitam madhuram, chalitam madhuram, nritiyam madhuram, smitam madhuram

अर्थ: Your gait is sweet, your movements are sweet, your dance is sweet, your smile is sweet

Sahajam Madhuram

सहजं मधुरं, भ्रमरं मधुरं, भ्रमरं मधुरं, रमणं मधुरम्

Sahajam madhuram, bhramaram madhuram, bhramaram madhuram, ramanam madhuram

अर्थ: Your natural disposition is sweet, your love is sweet, your love is sweet, your union is sweet

Gatih Madhuram

गतिः मधुरा, पातिः मधुरो, दृष्टिः मधुरा, मृतिः मधुरा

Gatih madhura, patih madhuro, drishtih madhura, mrityuh madhura

अर्थ: Your gait is sweet, your touch is sweet, your glance is sweet, your love is sweet

Bhakti Madhuram

भक्तिः मधुरा, श्रद्धा मधुरा, स्मरणं मधुरं, दानं मधुरम्

Bhaktih madhura, shraddha madhura, smaranam madhuram, danam madhuram

अर्थ: Your devotion is sweet, your faith is sweet, your remembrance is sweet, your charity is sweet

Gyanam Madhuram

ज्ञानं मधुरं, ध्यानं मधुरं, प्रेमं मधुरं, शान्तिः मधुरा

Gyanam madhuram, dhyanaam madhuram, prema madhuram, shanti madhura

अर्थ: Your knowledge is sweet, your meditation is sweet, your love is sweet, your peace is sweet

Saranam Madhuram

शरणं मधुरं, शरणं मधुरं, शरणं मधुरं, शरणं मधुरम्

Sharanam madhuram, sharanam madhuram, sharanam madhuram, sharanam madhuram

अर्थ: Your refuge is sweet, your refuge is sweet, your refuge is sweet, your refuge is sweet

करें

  • ✓भगवान श्रीकृष्ण के साथ अपना आध्यात्मिक संबंध गहरा करने के लिए नियमित रूप से मधुराष्टकम का पाठ करें
  • ✓भक्ति के प्रतीक के रूप में प्रभु को पुष्प और फल अर्पित करें
  • ✓प्रभु की दिव्य उपस्थिति का अनुभव करने के लिए भजनों और कीर्तनों में भाग लें

न करें

  • ✗विचलित मन से मधुराष्टकम का पाठ न करें
  • ✗स्तोत्र का पाठ करते समय दूसरों की आलोचना या उन पर टिप्पणी करने से बचें
  • ✗भौतिक लाभ या व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए मधुराष्टकम का उपयोग न करें

सामान्य गलतियाँ

  • •उचित उच्चारण या अर्थ समझे बिना मधुराष्टकम का पाठ करना
  • •स्तोत्र का पाठ करते समय भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आदर और कृतज्ञता न दर्शाना
  • •मधुराष्टकम का पाठ करते समय मन की पवित्रता और शांति बनाए न रखना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुराष्टकम का क्या महत्व है?▾
मधुराष्टकम एक भक्ति स्तोत्र है जो भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों का गुणगान करता है और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने में भक्ति और प्रेम के महत्व पर बल देता है।
मुझे मधुराष्टकम का पाठ कैसे करना चाहिए?▾
भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रार्थना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए, भक्ति और एकाग्रता के साथ मधुराष्टकम का पाठ करें। पाठ करते समय मन को शुद्ध और शांत रखें तथा ध्यान भटकने से बचें।
क्या मैं दिन में किसी भी समय मधुराष्टकम का पाठ कर सकता हूँ?▾
हाँ, आप दिन के किसी भी समय मधुराष्टकम का पाठ कर सकते हैं, लेकिन प्रातः काल या संध्या काल में इसका पाठ करने की सलाह दी जाती है जब मन शांत और आध्यात्मिक चिंतन के लिए अनुकूल होता है।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • •मधुराष्टकम का उल्लेख भक्ति सूत्रों तथा अन्य हिंदू ग्रंथों में मिलता है
  • •इस स्तोत्र की रचना महाप्रभु वल्लभाचार्य जी द्वारा मानी जाती है
  • •मधुराष्टकम पुष्टि मार्ग परंपरा का एक अभिन्न अंग है

Related Audio & Bhajans

Madhurashtakam Adharam Madhuram Lyrics Meaning Lord Krishna mantra

mantraYouTube
Open on YouTube →
Lyrics

फ्लिपकार्ट पर पूजा और त्योहारी सामग्री खरीदें

क्लिक करने पर हमारे एफ़िलिएट लिंक से फ्लिपकार्ट खुलता है। कीमत और उपलब्धता बदल सकती है।

फ्लिपकार्ट पर खरीदें

CueLinks प्रकाशक: 300371

मिंत्रा पर त्योहारी परिधान खरीदें

क्लिक करने पर हमारे एफ़िलिएट लिंक से मिंत्रा खुलता है। कीमत और उपलब्धता बदल सकती है।

CueLinks प्रकाशक: 300371

AI website builder

Need a website? Describe it, and AI builds it.

Perfect for a temple, pooja service, astrology practice or small shop. Tell the AI what you want — or drag and drop the classic way — and go live on your own web address in minutes with Sitova. Hosting, SEO, forms and analytics are all included.

  • Build with AI or drag & drop
  • Your domain + SEO built in
  • Free forever plan
Build your website

Opens sitova.site

Share:

दैनिक पंचांग व त्योहार अपडेट पाएँ

हमारे निःशुल्क न्यूज़लेटर से जुड़ें, कोई स्पैम नहीं, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।