पुत्रदा एकादशी (पौष) — महत्व और कथा
पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाने वाला पुत्रदा एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है।
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Next Shravana Putrada Ekadashi
Sunday, 23 August 2026· in 11 days
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परिचय
महत्व
करने का सर्वोत्तम समय
अपना सटीक शुभ समय जानें अपने शहर और तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखें।
आवश्यक सामग्री
तैयारी के चरण
- 1प्रातःकाल जल्दी उठें
- 2स्नान करें
- 3भगवान विष्णु की प्रार्थना करें
- 4व्रत का संकल्प लें और पालन करें
- 5पूजा संपन्न करें
चरण-दर-चरण विधि
- 1सूर्योदय के समय उठें और स्नान करें
- 2भगवान विष्णु की प्रार्थना करें और तुलसी पत्र, अगरबत्ती तथा दीपक से उनकी पूजा करें
- 3व्रत का पालन करें, जो पूर्ण उपवास या फलाहार उपवास हो सकता है
- 4पूजा करें और भगवान विष्णु को नैवेद्य अर्पित करें
- 5अगले दिन प्रार्थना और पूजा करने के पश्चात् व्रत का पारण करें
मंत्र
Vishnu Sahasranama
विष्णुसहस्रनाम
Vishnu Sahasranama
अर्थ: A thousand names of Lord Vishnu
Om Namo Narayanaya
ओम् नमो नारायणाय
Om Namo Narayanaya
अर्थ: Salutations to Lord Narayana
Om Shri Vishnuaya Namaha
ओम् श्री विष्णवे नमः
Om Shri Vishnave Namaha
अर्थ: Salutations to Lord Vishnu
व्रत के नियम
- •एकादशी तिथि पर व्रत का पालन करें
- •पूजा करें और भगवान विष्णु को नैवेद्य अर्पित करें
- •व्रत के दौरान अनाज और दालों के सेवन से बचें
- •मांसाहार और मदिरा से दूर रहें
करें
- ✓प्रातःकाल जल्दी उठें और स्नान करें
- ✓भगवान विष्णु की प्रार्थना करें और तुलसी पत्र, अगरबत्ती तथा दीपक से उनकी पूजा करें
- ✓व्रत का पालन करें और विधि-विधान से पूजा करें
न करें
- ✗व्रत के दौरान अनाज और दालों का सेवन न करें
- ✗मांसाहार और मदिरा का सेवन न करें
- ✗दिन के समय न सोएं
सामान्य गलतियाँ
- •प्रातःकाल जल्दी न उठना
- •पूजा करने से पूर्व स्नान न करना
- •व्रत न रखना या व्रत के दौरान अनाज व दालों का सेवन कर लेना
क्षेत्रीय विविधताएँ
- •कुछ क्षेत्रों में यह व्रत पूर्ण निर्जला या केवल जलाहार के साथ रखा जाता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में इसे फलाहारी उपवास के रूप में रखा जाता है
- •कुछ क्षेत्रों में पूजा विशेष प्रकार के नैवेद्य के साथ की जाती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भिन्न प्रकार के नैवेद्य का उपयोग किया जाता है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुत्रदा एकादशी का क्या महत्व है?▾
पुत्रदा एकादशी का व्रत कैसे रखा जाता है?▾
पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने के क्या लाभ हैं?▾
लोकप्रिय टूल
संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ
- •पुत्रदा एकादशी की कथा का वर्णन भविष्योत्तर पुराण में मिलता है
- •यह व्रत पौष माह के दौरान रखा जाता है, जो आमतौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के दिसंबर या जनवरी महीने में आता है
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