Aartis & BhajansTulsi Goddess LakshmiNavratri, Diwali

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती — संपूर्ण बोल, महत्व, विधि और लाभ

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती बोल, महत्व और लाभ सहित

By Sanatan Hindu2 min readUpdated 10 September 2026Audio available
Share:
Tulsi Goddess Lakshmi — Hindu Deity

Next Diwali

Sunday, 8 November 2026· in 59 days

Set a reminder so you never miss Diwali.

परिचय

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती एक पवित्र हिंदू अनुष्ठान है, जो भगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी और अत्यंत पवित्र पौधे तुलसी जी की आराधना के लिए की जाती है। यह आरती हिंदू पूजा-पद्धति का एक अनिवार्य अंग है और मान्यता है कि यह जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति लाती है। इस अनुष्ठान में आरती का गायन किया जाता है, जो देवी के प्रति भक्ति और कृतज्ञता की एक सुंदर अभिव्यक्ति है। इस लेख में, हम तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती के संपूर्ण बोल, महत्व, विधि और लाभों का विस्तार से वर्णन करेंगे। यह आरती सामान्यतः संध्याकाल में, सूर्यास्त के पश्चात की जाती है, जिसमें दीपक और धूपबत्ती प्रज्वलित की जाती है तथा देवी को पुष्प और प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। यह अनुष्ठान ईश्वरीय चेतना से जुड़ने, आशीर्वाद प्राप्त करने और प्राप्त कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। साथ ही, यह भक्ति, अनुशासन और आत्म-चिंतन की भावना को पुष्ट करता है, जो आध्यात्मिक विकास और आत्म-साक्षात्कार के लिए आवश्यक हैं।

महत्व

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती का विशेष महत्व है क्योंकि यह आध्यात्मिक जुड़ाव और भक्ति भावना को जाग्रत करती है। ऐसी मान्यता है कि यह अनुष्ठान भक्त और उसके परिवार के जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य लाता है। यह धन, सौंदर्य और आध्यात्मिक प्रगति की अधिष्ठात्री देवी माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का भी साधन है। आरती के माध्यम से प्राप्त वरदानों के प्रति आभार व्यक्त करने और देवी के प्रति अनन्य निष्ठा प्रकट करने का अवसर मिलता है। इसके अतिरिक्त, इस अनुष्ठान का पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव माना जाता है, क्योंकि इसमें तुलसी का पूजन सम्मिलित है, जिसे अत्यंत पवित्र और शुभकारी पौधा माना गया है।

आरती का सर्वोत्तम समय

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती करने का सबसे उत्तम समय संध्याकाल में, सूर्यास्त के बाद का होता है, जब आकाश में तारे दिखाई देने लगते हैं। इस समय को अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इस समय देवी अपने भक्तों की प्रार्थनाओं और अर्पण को सहर्ष स्वीकार करती हैं। यद्यपि, यदि पूर्ण भक्ति और निष्ठा हो, तो यह आरती दिन के किसी भी समय की जा सकती है।

अपना सटीक शुभ समय जानें अपने शहर और तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और चौघड़िया देखें।

आरती कैसे करें

  1. 1चरण 1: पूजा स्थल को पुष्पों, पत्तों और अन्य मांगलिक सामग्रियों से स्वच्छ व सुसज्जित करें
  2. 2चरण 2: दीपक प्रज्वलित करें और उसे तुलसी के पौधे या लक्ष्मी जी की मूर्ति के समक्ष स्थापित करें
  3. 3चरण 3: देवी को पुष्प और प्रसाद अर्पित करें तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त करें
  4. 4चरण 4: धूपबत्ती जलाएं और पूर्ण श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ आरती का गायन करें

मंत्र

Tulsi Goddess Lakshmi Ji Ki Aarti

श्री तुलसी जी की आरती

Shri Tulsi Ji Ki Aarti

अर्थ: The aarti of Goddess Tulsi

Tulsi Goddess Lakshmi Ji Ki Aarti Verse 1

जय तुलसी माता, जय लक्ष्मी माता

Jaya Tulsi Mata, Jaya Lakshmi Mata

अर्थ: Victory to Mother Tulsi, victory to Mother Lakshmi

Tulsi Goddess Lakshmi Ji Ki Aarti Verse 2

तुम्हारी महिमा अपरम्पार, तुम्हारी भक्ति से मिले सुख संपत्ति

Tumhari Mahima Aparampar, Tumhari Bhakti Se Mile Sukh Sampatti

अर्थ: Your glory is immeasurable, your devotion brings happiness and prosperity

Tulsi Goddess Lakshmi Ji Ki Aarti Verse 3

तुलसी पत्र और लक्ष्मी की पूजा, से घर में सुख समृद्धि का आगमन

Tulsi Patra Aur Lakshmi Ki Puja, Se Ghar Mein Sukh Samriddhi Ka Agaman

अर्थ: The worship of Tulsi leaves and Goddess Lakshmi brings prosperity and happiness to the home

करें

  • भक्ति और अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमित रूप से आरती करें
  • देवी के प्रति अपनी प्रार्थनाएं और कृतज्ञता समर्पित करें
  • तुलसी के पौधे का सम्मान करें और उसकी समुचित देखभाल करें

न करें

  • अशांत या विचलित मन से आरती न करें
  • देवी की पूजा-अर्चना में तनिक भी उपेक्षा न बरतें
  • तुलसी के पौधे को किसी प्रकार की क्षति न पहुँचाएं

सामान्य गलतियाँ

  • श्रद्धा या निष्ठा के बिना केवल औपचारिकता के लिए आरती करना
  • देवी को पुष्प और प्रसाद अर्पित करना भूल जाना
  • दीपक या धूपबत्ती प्रज्वलित न करना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती का क्या महत्व है?
इस आरती का विशेष महत्व है क्योंकि यह आध्यात्मिक संबंध और भक्ति भावना का संचार करती है, तथा मान्यता है कि यह भक्त और उसके परिवार में शांति, समृद्धि और सौभाग्य लाती है।
तुलसी माता लक्ष्मी जी की आरती करने के क्या लाभ हैं?
इस आरती को करने से जीवन में भक्ति और अनुशासन आता है, माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है, तथा घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का वास होता है।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • इस आरती का उल्लेख विभिन्न हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है, जिनमें पद्म पुराण और स्कंद पुराण प्रमुख हैं

Related Audio & Bhajans

Om Jai Lakshmi Mata - Lakshmi Aarti

aartiTraditional5:18
View Lyrics

Tulsi Aarti

aartiSwarup Damodar Prabhu
View Lyrics

Hanumanji Ki Aarti - Goswami Tulsidas

aartiMurli Manohar Swarup
View Lyrics

Goddess

mantraJoe Walsh
View Lyrics

Vastu Purush Aarti Significance, Vidhi, Vastu Purush

aartiYouTube
Open on YouTube →
Lyrics

Lakshmi Poojan Vidhi

otherYouTube
Open on YouTube →
Lyrics

A Love Song for Goddesses

otherSushant Divgikar
View Lyrics

Navratri Garba Dandiya Cultural Goddess Durga festival

otherYouTube
Open on YouTube →
Lyrics

Benefits

aartiMatlou Matlou
View Lyrics

Benefits of Performing Aartis and Bhajans

aartiYouTube
Open on YouTube →
Lyrics

फ्लिपकार्ट पर पूजा और त्योहारी सामग्री खरीदें

क्लिक करने पर हमारे एफ़िलिएट लिंक से फ्लिपकार्ट खुलता है। कीमत और उपलब्धता बदल सकती है।

फ्लिपकार्ट पर खरीदें

CueLinks प्रकाशक: 300371

मिंत्रा पर त्योहारी परिधान खरीदें

क्लिक करने पर हमारे एफ़िलिएट लिंक से मिंत्रा खुलता है। कीमत और उपलब्धता बदल सकती है।

CueLinks प्रकाशक: 300371

Share:
Tulsi Goddess LakshmiaartiTulsi Goddess Lakshmi Ji Ki AartiHindu ritualsdevotion

दैनिक पंचांग व त्योहार अपडेट पाएँ

हमारे निःशुल्क न्यूज़लेटर से जुड़ें, कोई स्पैम नहीं, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।