Lakshmiaartilyrics

Lakshmi Aarti

Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 8 sections

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Om Jai Lakshmi Mata - Lakshmi Aarti

Traditional5:18aarti

Original

ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को निशदिन ध्यावत हरे विष्णु विधाता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 2

Original

ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को निशदिन ध्यावत हरे विष्णु विधाता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 3

Original

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता(मैया तुम ही जग-माता) सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता ॐ जय लक्ष्मी माता दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता(मैया सुख सम्पत्ति दाता) जो कोई तुमको ध्याता, जो कोई तुमको ध्याता ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 4

Original

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता(मैया तुम ही शुभदाता) कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी भवनिधि की त्राता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 5

Original

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता(मैया सब सद्गुण आता) सब सम्भव हो जाता, सब सम्भव हो जाता मन नहीं घबराता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 6

Original

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता(मैया वस्त्र न कोई पाता) खान-पान का वैभव, खान-पान का वैभव सब तुमसे आता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 7

Original

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता(मैया क्षीरोदधि-जाता) रत्न चतुर्दश तुम बिन, रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता ॐ जय लक्ष्मी माता

Verse 8

Original

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता(मैया जो कोई जन गाता) उर आनन्द समाता, उर आनन्द समाता पाप उतर जाता ॐ जय लक्ष्मी माता

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