Aarti Kunj Bihari Ki
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 10 sections
Aarti Kunj Bihari Ki - Krishna Aarti
Verse 1
Original
आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की गले में बैजंती माला माला बजावै मुरली मधुर बाला बाला
Verse 2
Original
श्रवण में कुण्डल झलकाला काला नंद के नंद श्री आनंद कंद मोहन ब्रिज चंद राधिका रमन बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की
Verse 3
Original
गगन सम अंग कांति काली काली राधिका चमक रही आली आली लतन में ठाढ़े बनमाली माली माली भ्रमर सी अलक कस्तूरी तिलक चंद्र सी झलक
Verse 4
Original
ललित छवि श्यामा प्यारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की कनकमय मोर मुकुट बिलसै बिलसै देवता दरसन को तरसैं तरसैं
Verse 5
Original
गगन सों सुमन रासि बरसै बरसै बजे मुरचंग मधुर मिरदंग ग्वालनि संग अतुल रति गोप कुमारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की
Verse 6
Original
आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की जहां ते प्रकट भई गंगा गंगा कलुष कली हारिणि श्री गंगा गंगा स्मरन ते होत मोह भंगा भंगा बसी शिव सीस
Verse 7
Original
जटा के बीच हरै अघ कीच चरन छवि श्रीबनवारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की
Verse 8
Original
चमकती उज्ज्वल तट रेनू रेनू बज रही वृंदावन बेनू बेनू चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू धेनू हंसत मृदु मंद चांदनी चंद कटत भव फंद
Verse 9
Original
टेर सुन दीन भिखारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की
Verse 10
Original
आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की