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संतोषी जी की आरती - संपूर्ण गाइड

संतोषी जी की आरती के बोल, महत्व, विधि और लाभ जानें

By Sanatan Hindu2 min readUpdated 11 August 2026Audio available
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Santoshi — Hindu Deity

परिचय

संतोषी जी की आरती माता संतोषी को समर्पित एक पूजनीय हिंदू अनुष्ठान है, जो संतोष और प्रसन्नता की देवी हैं। यह आरती भक्ति, कृतज्ञता और उपासना की एक सुंदर अभिव्यक्ति है। यह आमतौर पर शुक्रवार को की जाती है, जिसे देवी संतोषी की पूजा के लिए एक शुभ दिन माना जाता है। इस अनुष्ठान में पवित्र मंत्रों का पाठ, प्रार्थना अर्पित करना और प्रसाद वितरित करना शामिल है। इस लेख में, हम भक्तों के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करते हुए संतोषी जी की आरती के महत्व, विधि और लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

महत्व

हिंदू धर्म में संतोषी जी की आरती का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि और सुख लाती है। कहा जाता है कि यह अनुष्ठान मनोकामनाओं को पूरा करता है, समस्याओं का समाधान करता है और संतोष प्रदान करता है। आरती करने से भक्त देवी संतोषी के साथ अपना संबंध मजबूत कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद तथा मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

आरती का सर्वोत्तम समय

संतोषी जी की आरती करने का सबसे अच्छा समय शुक्रवार को सुबह या शाम के समय होता है। एक शुभ समय चुनना आवश्यक है, अधिमानतः सूर्योदय या सूर्यास्त के समय, जब वातावरण शांत और निर्मल होता है।

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आरती कैसे करें

  1. 1माता संतोषी का आह्वान करके, आरती करने के लिए उनका आशीर्वाद और अनुमति मांगकर शुरुआत करें
  2. 2पारंपरिक लय और ताल का पालन करते हुए संतोषी जी की आरती के मंत्रों का पाठ करें
  3. 3देवी को प्रसाद, फल और फूल अर्पित करें
  4. 4परिवार के सदस्यों और भक्तों के बीच प्रसाद वितरित करें
  5. 5किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगकर और देवी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करके अनुष्ठान का समापन करें

मंत्र

Santoshi Ji Ki Aarti

जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी

Jaya Santoshi Mata, Maiya Jaya Santoshi

अर्थ: Victory to Mother Santoshi, Oh Mother, victory to Santoshi

Santoshi Ji Ki Aarti (continued)

अपने सुख की कमी ना हो

Apne sukh ki kami na ho

अर्थ: May there be no lack of happiness in our lives

Santoshi Ji Ki Aarti (continued)

माता रानी की आरती जो कोई नर गावे

Mata Rani ki aarti jo koi nar gaave

अर्थ: Whoever sings the aarti of Mother Rani

Santoshi Ji Ki Aarti (continued)

खुशियों की बहार लाये

Khushiyo ki bahar laye

अर्थ: Will bring happiness and prosperity

करें

  • सच्चे मन और भक्ति के साथ आरती करें
  • देवी को प्रसाद और फूल अर्पित करें
  • परिवार के सदस्यों और भक्तों के बीच प्रसाद वितरित करें

न करें

  • जल्दबाजी में या विचलित मन से आरती न करें
  • प्रसाद के लिए अशुद्ध या दूषित सामग्री का उपयोग करने से बचें
  • अनुष्ठान के दौरान बहस या झगड़ा करने से बचें

सामान्य गलतियाँ

  • पारंपरिक विधि और लय का पालन न करना
  • प्रसाद के लिए गलत या अशुद्ध सामग्री का उपयोग करना
  • परिवार के सदस्यों और भक्तों के बीच प्रसाद न बांटना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोषी जी की आरती करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
संतोषी जी की आरती करने का सबसे अच्छा समय शुक्रवार को सुबह या शाम का समय होता है।
आरती के लिए आवश्यक सामग्री क्या है?
आवश्यक सामग्री में संतोषी जी की फोटो या मूर्ति, अगरबत्ती, दीपक, प्रसाद, फूल और फल शामिल हैं।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • संतोषी जी की आरती का उल्लेख विभिन्न हिंदू शास्त्रों और ग्रंथों में मिलता है, जिनमें पुराण और महाभारत शामिल हैं
  • इस अनुष्ठान का उल्लेख आदि शंकराचार्य और तुकाराम जैसे पूज्य संतों और ऋषियों की रचनाओं में भी मिलता है

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