aartiKrishnahindi

Aarti Kunj Bihari Ki - Krishna Aarti

Artist: Traditional

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Aarti Kunj Bihari Ki - Krishna Aarti

Duration: 4:24Tap to play

Lyrics with Meaning

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Verse 1

Original

आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की गले में बैजंती माला माला बजावै मुरली मधुर बाला बाला

Verse 2

Original

श्रवण में कुण्डल झलकाला काला नंद के नंद श्री आनंद कंद मोहन ब्रिज चंद राधिका रमन बिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

Verse 3

Original

गगन सम अंग कांति काली काली राधिका चमक रही आली आली लतन में ठाढ़े बनमाली माली माली भ्रमर सी अलक कस्तूरी तिलक चंद्र सी झलक

Verse 4

Original

ललित छवि श्यामा प्यारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की कनकमय मोर मुकुट बिलसै बिलसै देवता दरसन को तरसैं तरसैं

Verse 5

Original

गगन सों सुमन रासि बरसै बरसै बजे मुरचंग मधुर मिरदंग ग्वालनि संग अतुल रति गोप कुमारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की

Verse 6

Original

आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की जहां ते प्रकट भई गंगा गंगा कलुष कली हारिणि श्री गंगा गंगा स्मरन ते होत मोह भंगा भंगा बसी शिव सीस

Verse 7

Original

जटा के बीच हरै अघ कीच चरन छवि श्रीबनवारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की

Verse 8

Original

चमकती उज्ज्वल तट रेनू रेनू बज रही वृंदावन बेनू बेनू चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू धेनू हंसत मृदु मंद चांदनी चंद कटत भव फंद

Verse 9

Original

टेर सुन दीन भिखारी की श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

Verse 10

Original

आरती कुंजबिहारी की श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

AartiKrishna

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