Banke Bihari
Artist: Jagjit Singh
Banke Bihari
Lyrics with Meaning
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हे बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?) बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Verse 2
Original
दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) हम बलहारी कहाँ छुपे? बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Verse 3
Original
आँख मिचौली हमें ना भाए (आँख मिचौली हमें ना भाए) जग माया के जाल बिछाये (जग माया के जाल बिछाये)
Verse 4
Original
रास रचा कर, बंसी बजा कर रास रचा कर, बंसी बजा कर (रास रचा कर, बंसी बजा कर) धेनु चरा कर, प्रीत जगा कर (धेनु चरा कर, प्रीत जगा कर)
Verse 5
Original
नटवर नागर निष्ठुर छलिया (नटवर नागर निष्ठुर छलिया) हे, नटवर नागर निष्ठुर छलिया (नटवर नागर निष्ठुर छलिया) लीला न्यारी कहाँ छुपे
Verse 6
Original
बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Verse 7
Original
दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) हम बलहारी कहाँ छुपे?
Verse 8
Original
बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Verse 9
Original
सर्व व्यापक तुम अविनाशी (सर्व व्यापक तुम अविनाशी) जल, थल, गगन, रवि घट बासी (जल, थल, गगन, रवि घट बासी)
Verse 10
Original
सर्व व्यापक तुम अविनाशी (सर्व व्यापक तुम अविनाशी) जल, थल, गगन, रवि घट बासी (जल, थल, गगन, रवि घट बासी)
Verse 11
Original
योग सुना कर, रथ को चला कर (योग सुना कर, रथ को चला कर) योग सुना कर, रथ को चला कर योग सुना कर, रथ को चला कर (योग सुना कर, रथ को चला कर) कहाँ खो गए हमको लुभा कर? (कहाँ खो गए हमको लुभा कर?)
Verse 12
Original
गोविंद-गोविंद मीरा गायी (गोविंद-गोविंद मीरा गायी) हे, गोविंद-गोविंद मीरा गायी (गोविंद-गोविंद मीरा गायी) गणिका तारी कहाँ छुपे?
Verse 13
Original
बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?) बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Verse 14
Original
दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) दर्शन दीजो, शरण में लीजो (दर्शन दीजो, शरण में लीजो) हम बलहारी कहाँ छुपे?
Verse 15
Original
बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे? (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?) (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?) (बांके बिहारी, कृष्ण मुरारी, मेरे बारी कहाँ छुपे?)
Jagjit Singh