Kanha Teri Murli 2
Artist: Bhakt Arun
Kanha Teri Murli 2
Lyrics with Meaning
View lyrics page →Original
कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए
Verse 2
Original
ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ राधा नाचे झूम-झूम कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए)
Verse 3
Original
कुंज गली में जैसे बाजे बसूरिया दीवानी तैसे हुए ब्रज की नगरिया खींची चली जाए गोपी बन के पवरिया इत्त-उत्त भागे बेसुध सारी गुजरिया कैसा जादूगर तू साँवला कनहईया
Verse 4
Original
(कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए) (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए)
Verse 5
Original
मतवाली हो गईं धुन सुन गईंयाँ बछड़ों को छोड़ भागी देखो सारी गईंयाँ जहाँ है कनईया, वहीं सारी कनहईया थन से दूध बहाने लग गईंया यमूना नदी तो लागे दूध की नदियाँ
Verse 6
Original
(कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए) (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए)
Verse 7
Original
ममती की मारी देखो यशोमति मईया धुन सुन बंसी की व्याकुल हुई बईंया माखन निकाले झट दही-मथ मईंया बेसुध बोले माखन खाले रे कनईया कैसी तेरी लीला है जग के रचईया
Verse 8
Original
(कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए) (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए)
Verse 9
Original
ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ ग्वाले नाचे गोपियाँ, नाचे सारी टोलियाँ राधा नाचे झूम-झूम कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए)
Verse 10
Original
कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए) कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए (कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए) कान्हा तेरी मुर्ली की जो धुन बज जाए
Anup Jalota