हरतालिका तीज व्रत विधि और महत्व

हरतालिका तीज व्रत, महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण व्रत, जो देवी पार्वती को समर्पित है

By Sanatan Hindu2 min readUpdated 9 August 2026Audio available
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Hartalika Teej Vrat Vidhi and Significance

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Monday, 14 September 2026· in 33 days

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परिचय

हरतालिका तीज महिलाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है, जो देवी पार्वती को समर्पित है। यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और देवी पार्वती के पुनर्मिलन का उत्सव है। पौराणिक कथा के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इस व्रत को हरतालिका तीज के नाम से जाना जाता है, क्योंकि 'हरतालिका' का अर्थ 'हरण' और 'सखी' से जुड़ा है, जो देवी पार्वती की सखियों द्वारा उनके पिता के घर से अपहरण किए जाने की कथा का संदर्भ देता है ताकि भगवान विष्णु से उनका विवाह रोका जा सके। यह त्योहार भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन का उत्सव है और सुखी तथा समृद्ध वैवाहिक जीवन के लिए दिव्य दंपति का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु महिलाओं द्वारा रखा जाता है।

महत्व

हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। सुखी और आनंदमय वैवाहिक जीवन के लिए दिव्य दंपति का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु महिलाएँ यह व्रत रखती हैं। यह देवी पार्वती के धैर्य, शक्ति और अटूट भक्ति का भी प्रतीक है, जिन्होंने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी।

करने का सर्वोत्तम समय

हरतालिका तीज व्रत करने का सबसे शुभ समय भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर के महीने में आती है।

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आवश्यक सामग्री

देवी पार्वती की मूर्ति या चित्र
भगवान शिव की मूर्ति या चित्र
फल
सब्जियां
अनाज
मिठाइयां
अगरबत्ती
दीपक
फूल
जल

तैयारी के चरण

  1. 1पूजा स्थल को स्वच्छ और सुसज्जित करें
  2. 2स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  3. 3पूजा सामग्री तैयार करें
  4. 4देवी पार्वती और भगवान शिव का आह्वान करें

चरण-दर-चरण विधि

  1. 1प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें
  2. 2साफ-सुथरे वस्त्र पहनें और आभूषणों से सुसज्जित हों
  3. 3देवी पार्वती और भगवान शिव की प्रार्थना करें
  4. 4आवश्यक सामग्री के साथ विधि-विधान से पूजा करें
  5. 5मंत्रों का जाप करें और भजन गाएं
  6. 6देवी-देवताओं को फल, सब्जियां, अनाज और मिठाइयां अर्पित करें
  7. 7आरती करें और दिव्य दंपति का आशीर्वाद प्राप्त करें

मंत्र

Om Shiva Parvatiye Namaha

ॐ शिव पर्वतीये नमः

Om Shiva Parvatiye Namaha

अर्थ: Salutations to Lord Shiva and Goddess Parvati

Om Shakti Shivaya Namaha

ॐ शक्ति शिवाय नमः

Om Shakti Shivaya Namaha

अर्थ: Salutations to the divine power of Lord Shiva

व्रत के नियम

  • व्रत 24 घंटे के लिए रखा जाना चाहिए
  • व्रत के दौरान केवल फल, सब्जियां और अनाज ही ग्रहण किए जाने चाहिए
  • व्रत के दौरान मांसाहारी भोजन का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए
  • व्रत पूर्ण भक्ति और श्रद्धा के साथ रखा जाना चाहिए

करें

  • देवी पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें
  • आवश्यक पूजन सामग्री के साथ पूजा सम्पन्न करें
  • मंत्रों का जाप करें और भक्ति भजन गाएं
  • दिव्य दंपति का आशीर्वाद लें

न करें

  • व्रत के दौरान मांसाहारी भोजन का सेवन न करें
  • व्रत के दौरान फल, सब्जियों और फलाहारी अनाज के अलावा अन्य कुछ भी न खाएं-पीएं
  • दिन के समय न सोएं
  • व्रत के दौरान किसी भी सांसारिक या अनुचित गतिविधि में शामिल न हों

सामान्य गलतियाँ

  • पूर्ण भक्ति और श्रद्धा के साथ व्रत न रखना
  • आवश्यक पूजन सामग्री के बिना पूजा करना
  • मंत्र जाप और भजन-कीर्तन न करना
  • दिव्य दंपति का आशीर्वाद न मांगना

क्षेत्रीय विविधताएँ

  • कुछ क्षेत्रों में यह व्रत 36 घंटे के लिए रखा जाता है
  • कुछ क्षेत्रों में यह व्रत 48 घंटे के लिए रखा जाता है
  • विभिन्न क्षेत्रों में पूजा अलग-अलग सामग्रियों के साथ की जाती है
  • विभिन्न क्षेत्रों में गाए जाने वाले मंत्र और भजन अलग हो सकते हैं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरतालिका तीज व्रत का क्या महत्व है?
हरतालिका तीज व्रत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन का उत्सव है।
हरतालिका तीज व्रत कैसे रखा जाता है?
यह व्रत 24 घंटे के लिए रखा जाना चाहिए, और व्रत के दौरान केवल फल, सब्जियां और सात्विक अनाज ही ग्रहण किए जाने चाहिए।

संदर्भ और पारंपरिक टिप्पणियाँ

  • इस व्रत का उल्लेख पुराणों और उपनिषदों सहित हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है
  • सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन के लिए दिव्य दंपति का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु महिलाएँ यह व्रत रखती हैं

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