Hay Gopal Krishna
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 9 sections
Hay Gopal Krishna
Original
हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रिया-पती, मैं करूँ आरती तेरी तुझपे, ओ, कान्हा, बलि-बलि जाऊँ साँझ-सवेरे तेरे गुण गाऊँ
Verse 2
Original
प्रेम में रंगी, मैं रंगी भक्ति में तेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रिया पती, मैं करूँ आरती तेरी
Verse 3
Original
ये माटी का तन है तेरा, मन और प्राण भी तेरे मैं एक गोपी, तुम हो कन्हैया, तुम हो भगवन मेरे "कृष्ण, कृष्ण, कृष्ण," रटे आत्मा मेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रिया-पती, मैं करूँ आरती तेरी
Verse 4
Original
ओ, कान्हा, तेरा रूप अनुपम, मन को हरता जाए मन ये चाहे, हर पल अखियाँ तेरा दर्शन पाएँ
Verse 5
Original
दरस तेरा, प्रेम तेरा, आस है मेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रिया-पती, मैं करूँ आरती तेरी
Verse 6
Original
तुझपे, ओ, कान्हा, बलि-बलि जाऊँ साँझ-सवेरे तेरे गुण गाऊँ प्रेम में रंगी, मैं रंगी भक्ति में तेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी
Verse 7
Original
हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रिया-पती, मैं करूँ आरती तेरी तुझपे, ओ, कान्हा, बलि-बलि जाऊँ साँझ-सवेरे तेरे गुण गाऊँ
Verse 8
Original
प्रेम में रंगी, मैं रंगी भक्ति में तेरी हे, गोपाल कृष्ण, करूँ आरती तेरी हे, प्रियापती, मैं करूँ आरती तेरी
Verse 9
Original
ये माटी का तन है तेरा मन और प्राण भी तेरे मैं एक गोपी...