Likhe Jo Khat Tujhe(From "Kanyadaan")
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 8 sections
Kanyadaan
Original
लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारों रंग के नज़ारे बन गए
Verse 2
Original
लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारों रंग के नज़ारे बन गए सवेरा जब हुआ तो फूल बन गए जो रात आई तो सितारे बन गए लिखे जो ख़त तुझे...
Verse 3
Original
कोई नग़मा कही गूँजा, कहा दिल ने ये तू आई कहीं चटकी कली कोई, मैं ये समझा तू शरमाई कोई ख़ुशबू कहीं बिखरी, लगा ये ज़ुल्फ़ लहराई
Verse 4
Original
लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारों रंग के नज़ारे बन गए सवेरा जब हुआ तो फूल बन गए जो रात आई तो सितारे बन गए लिखे जो ख़त तुझे...
Verse 5
Original
फ़िज़ा रंगीं, अदा रंगीं, ये इठलाना, ये शरमाना ये अंगड़ाई, ये तनहाई, ये तरसाकर चले जाना बना देगा नहीं किस को जवाँ जादू ये दीवाना
Verse 6
Original
लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारों रंग के नज़ारे बन गए सवेरा जब हुआ तो फूल बन गए जो रात आई तो सितारे बन गए लिखे जो ख़त तुझे...
Verse 7
Original
जहाँ तू है, वहाँ मैं हूँ, मेरे दिल की तू धड़कन है मुसाफ़िर मैं, तू मंज़िल है, मैं प्यासा हूँ, तू सावन है मेरी दुनियाँ ये नज़रे हैं, मेरी जन्नत ये दामन है
Verse 8
Original
लिखे जो ख़त तुझे, वो तेरी याद में हज़ारों रंग के नज़ारे बन गए सवेरा जब हुआ तो फूल बन गए जो रात आई तो सितारे बन गए लिखे जो ख़त तुझे...