Ganesh Kartikeya
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 10 sections
Kartikeya
Original
ॐ उमामहेश्वर पुत्राभ्याम् नमः श्री गणेशाय नमः श्री कार्तिकेयाय नमः
Verse 2
Original
वायु, धरा, जल, अग्नि, गगन जग सारा करे नमन इनसे से ही आदि, इनसे ही अंत शुभ-मंगल इनसे हर कण
Verse 3
Original
ज्ञान, पराक्रम, साहस है अपार सत्य, धर्म, सद्गुण का है सार शक्ति, भक्ति, मुक्ति का आधार इस जग का प्रथम परिवार
Verse 4
Original
ब्रह्मांड दमके जिनसे, तेज से वो चम-चम चमके शुभ शक्ति का है स्रोत, गणेश, कार्तिकेय ज्ञान और शौर्य की ज्योति, चिंता मिटा दे सबकी सुख-शांति दे सदा, गणेश, कार्तिकेय
Verse 5
Original
पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते
Verse 6
Original
एक गजानन, दूजा षडानन एक है लम्बोदर, दूजा मुरुगन एक है बुद्धि, एक है शक्ति इनसे सुरक्षित सारी सृष्टि
Verse 7
Original
मंगलमूर्ति विघ्न हटाएँ देवसेनापति पाप मिटाएँ दोनों मिलकर साथ जो आएँ सुख-शांति का ध्वज लहराएँ
Verse 8
Original
काल भी हर क्षण इनसे है गतिमान अंतरिक्ष का इनसे ही लाग शक्ति, भक्ति, मुक्ति का आधार इस जग का प्रथम परिवार
Verse 9
Original
ब्रह्मांड दमके जिनसे, तेज से वो चम-चम चमके शुभ शक्ति का है स्रोत, गणेश, कार्तिकेय ज्ञान और शौर्य की ज्योति, चिंता मिटा दे सबकी सुख-शांति दे सदा, गणेश, कार्तिकेय
Verse 10
Original
ब्रह्मांड दमके जिनसे, तेज से वो चम-चम चमके शुभ शक्ति का है स्रोत, गणेश, कार्तिकेय ज्ञान और शौर्य की ज्योति, चिंता मिटा दे सबकी सुख-शांति दे सदा, गणेश, कार्तिकेय