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Shiv Shiv Hai

Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 18 sections

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Original

(शिव-शिव) (शिव-शिव)

Verse 2

Original

शिव-शिव है, शिव-शिव है युग का उजियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है सुख का गलियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है भक्तों के मन में शिव-शिव है, शिव-शिव है श्रोता हमारा

Verse 3

Original

भोला है जो मन का पर्वत के भाँति मन में अडिग है रे जो पालनहारा जन का हर विपदा को जो हर लेता शिव हैं रे वो

Verse 4

Original

शिव-शिव है, शिव-शिव है युग का उजियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है सुख का गलियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है भक्तों के मन में शिव-शिव है, शिव-शिव है श्रोता हमारा

(शिव-शिव है)

Original

(शिव-शिव है) (शिव-शिव है) (शिव-शिव है)

Verse 6

Original

गावें महिमा, डमरू बाजे तेरे मस्तक पे है चंदा साजे तेरे

Verse 7

Original

गावें महिमा, डमरू बाजे तेरे मस्तक पे है चंदा साजे तेरे क्रोधित होके चक्षु खोलें अगर आडंबर क्या जग का आगे तेरे

Verse 8

Original

तू कर्ता-धर्ता हमारा तू ताना-बाना है रे है पर्वत आसन तुम्हारा नभ तो सिरहाना है रे

Verse 9

Original

शिव-शिव है, शिव-शिव है योगी-संतन में शिव-शिव है, शिव-शिव है इस विकल मन में शिव-शिव है, शिव-शिव है गागर अमृत की शिव-शिव है, शिव-शिव है विष के मंथन में

(शिव-शिव है) ॐ नमः शिवाय

Original

(शिव-शिव है) ॐ नमः शिवाय (शिव-शिव है) ॐ नमः शिवाय (शिव-शिव है) ॐ नमः शिवाय

Verse 11

Original

पावन गंगा के उद्भव में है तू संजीवन तू, जीवन-द्रव में है तू

Verse 12

Original

पावन गंगा के उद्भव में है तू संजीवन तू, जीवन-द्रव में है तू मोती में तू, है कलरव में भी तू ज्योति में तू, हर उत्सव में है तू

Verse 13

Original

सुन हृदय-स्पंदन की भाषा लौ आशा की ये जली मन तेरे दर्शन का प्यासा मैं कैलासा को चली

Verse 14

Original

शिव-शिव है, शिव-शिव है युग का उजियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है सुख का गलियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है भक्तों के मन में शिव-शिव है, शिव-शिव है श्रोता हमारा

Verse 15

Original

भोला है जो मन का पर्वत के भाँति मन में अडिग है रे जो पालनहारा जन का हर विपदा को जो हर लेता शिव है रे वो

Verse 16

Original

शिव-शिव है, शिव-शिव है युग का उजियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है सुख का गलियारा शिव-शिव है, शिव-शिव है भक्तों के मन में शिव-शिव है, शिव-शिव है श्रोता हमारा

Verse 17

Original

(शिव-शिव है) पग-पग में, धरती के योजन में शिव है (शिव-शिव है) जल-थल में, भूतल के पोषण में शिव है (शिव-शिव है) मन में है, मस्तक में, आनन में शिव है (शिव-शिव है) माटी में, पर्वत में, कानन में शिव है

Verse 18

Original

ॐ नमः शिवाय (पग-पग में, धरती के योजन में शिव है) ॐ नमः शिवाय (जल-थल में, भूतल के पोषण में शिव है) ॐ नमः शिवाय (मन में है, मस्तक में, आनन में शिव है) ॐ नमः शिवाय (माटी में, पर्वत में, कानन में शिव है)

Abhilipsa Panda

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