Shri Ramchandra Kripalu Bhajman
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 13 sections
Shri Ramchandra Kripalu
Original
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं
Verse 2
Original
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं
Verse 3
Original
श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम
Verse 4
Original
कन्दर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुन्दरं पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि नोमि जनक सुतावरं
Verse 5
Original
भजु दीनबन्धु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनं रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल चन्द दशरथ नन्दनं
Verse 6
Original
श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम
Verse 7
Original
शिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अङ्ग विभूषणं आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खरदूषणं
Verse 8
Original
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनं मम् हृदय कंज निवास कुरु कामादि खलदल गंजनं
Verse 9
Original
श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम
Verse 10
Original
मनु जाहि राच्यो मिलहि सो बरू सहज सुन्दर सांवरो करुणा निधान सुजान शील स्नेह जानत रावरो
Verse 11
Original
एहि भांति गौरी असीस सुन सिय सहित हिय हरषित अली तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि मुदित मन मन्दिर चली
Verse 12
Original
श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम
Verse 13
Original
जानी गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि मंजुल मंगल मूल वाम अङ्ग फरकन लगे सियावर राम चन्द्र की जय