Vande Mataram
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Vande Mataram
Original
ख़ून में अंगार ले चला आँधीयों को चीरता हुआ मौत को भी देगा ये हरा आज ना माने हार
Verse 2
Original
सूरज लहू में छोड़े अंगारे इसकी तपिश से झुकेंगे सारे ज़मीं पे आके देंगे सलामी चाँद-सितारे, हो
Verse 3
Original
वंदे मातरम् वंदे मातरम् वंदे मातरम्
Verse 4
Original
धरती है ये जाँबाज़ों की मशाल फूँके अंबरों के तारे कतरा-कतरा बह जावे, आन-बान जब ललकारे जिगरा इतना पर्वत क्या, आज चीर दें जल के ये धारे
Verse 5
Original
सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम सस्य-श्यामलम मातरम वंदे...
Verse 6
Original
सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम सस्य-श्यामलम मातरम वंदे... वंदे...
Verse 7
Original
वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...
Verse 8
Original
सूरज लहू में छोड़े अंगारे इसकी तपिश से झुकेंगे सारे ज़मीं पे आके देंगे सलामी चाँद-सितारे, हो
Verse 9
Original
ख़ून में अंगार ले चला आँधीयों को चीरता हुआ जीत की ज़िद ये चला मेरा जुनूँ ना माँगे हार