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Vande Mataram

Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 9 sections

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Vande Mataram

Sukhwinder Singhother

Original

ख़ून में अंगार ले चला आँधीयों को चीरता हुआ मौत को भी देगा ये हरा आज ना माने हार

Verse 2

Original

सूरज लहू में छोड़े अंगारे इसकी तपिश से झुकेंगे सारे ज़मीं पे आके देंगे सलामी चाँद-सितारे, हो

Verse 3

Original

वंदे मातरम् वंदे मातरम् वंदे मातरम्

Verse 4

Original

धरती है ये जाँबाज़ों की मशाल फूँके अंबरों के तारे कतरा-कतरा बह जावे, आन-बान जब ललकारे जिगरा इतना पर्वत क्या, आज चीर दें जल के ये धारे

Verse 5

Original

सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम सस्य-श्यामलम मातरम वंदे...

Verse 6

Original

सुजलाम सुफलाम मलयज शीतलाम सस्य-श्यामलम मातरम वंदे... वंदे...

Verse 7

Original

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

Verse 8

Original

सूरज लहू में छोड़े अंगारे इसकी तपिश से झुकेंगे सारे ज़मीं पे आके देंगे सलामी चाँद-सितारे, हो

Verse 9

Original

ख़ून में अंगार ले चला आँधीयों को चीरता हुआ जीत की ज़िद ये चला मेरा जुनूँ ना माँगे हार

Sukhwinder Singh, Mickey J. Meyer

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