Argala Stotram
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 29 sections
Argala Stotram
Original
जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूता पहारिणि जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते ...कालरात्रि नमोऽस्तु ते
Verse 2
Original
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते ...स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते
Verse 3
Original
मधुकैटभ विध्वंसि विधातृवरदे नमः रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 4
Original
महिषासुरनिर्णाशि भक्तानां सुखदे नमः रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 5
Original
धूम्र नेत्र वधे देवि धर्म कामार्थ दायिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 6
Original
रक्तबीजवधे देवि चण्डमुण्डविनाशिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 7
Original
निशुम्भ शुम्भ निर्नाशि त्रैलोक्यशुभदे नमः रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 8
Original
वन्दिताङ्घ्रियुगे देवि सर्वसौभाग्यदायिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 9
Original
अचिन्त्यरूपचरिते सर्वशत्रुविनाशिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 10
Original
नतेभ्यः सर्वदा भक्त्या चापर्णे दुरितापहे रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 11
Original
स्तुवद्भ्यो भक्तिपूर्वं त्वां चण्डिके व्याधिनाशिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 12
Original
चण्डिके सततं युद्धे जयन्ति पापनाशिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 13
Original
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम् रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 14
Original
विधेहि देवि कल्याणं विधेहि विपुलां श्रियम् रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 15
Original
विधेहि द्विषतां नाशं विधेहि बलमुच्चकैः रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 16
Original
सुरासुरशिरोरत्ननिघृष्टचरणेऽम्बिके रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 17
Original
विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तञ्च मां कुरु रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 18
Original
देवि प्रचण्ड दोर्दण्ड दैत्य दर्पनिषूदिनि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 19
Original
प्रचण्ड दैत्य दर्पघ्ने चण्डिके प्रणताय मे रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 20
Original
चतुर्भुजे चतुर्वक्त्र संस्तुते परमेश्वरि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 21
Original
कृष्णेन संस्तुते देवि शश्वद्भक्त्या सदाम्बिके रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 22
Original
हिमाचल सुतानाथ संस्तुते परमेश्वरि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 23
Original
इन्द्राणीपति सद्भाव पूजिते परमेश्वरि रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 24
Original
देवि भक्तजनोद्दाम दत्तानन्दो दयेऽम्बिके रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 25
Original
भार्या मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम् रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि
Verse 26
Original
तारिणि दुर्गसंसार सागरस्या चलोद्भवे रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि ...यशो देहि द्विषो जहि
Verse 27
Original
ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः
Verse 28
Original
ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः
Verse 29
Original
ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः ॐ श्री दुर्गाय नमः
