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Holi

Artist: Kaka

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Holi

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Lyrics with Meaning

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Original

आज बिरज में होरी रे, रसिया आज बिरज में होरी...

Verse 2

Original

आज बिरज में होरी रे, रसिया आज बिरज में होरी रे, रसिया होरी रे, रसिया, बरजोरी रे, रसिया होरी रे, रसिया, बरजोरी रे, रसिया

Verse 3

Original

उड़त गुलाल, लाल भय बादर उड़त गुलाल, लाल भय बादर केसर रंग में बोरी रे, रसिया ओ, केसर रंग में बोरी रे, रसिया आज बिरज में होरी...

Verse 4

Original

बुरा ना माने, होली है, राजा ग़ुस्से को पी जा, बोल रंगों की भाषा जहाँ से मैं आता वहाँ आए दिन कोई किसके गुब्बारा मारा

Verse 5

Original

लेकिन आज दिन प्यारा क्योंकि आज त्योहार और Mood दिलदार दिखे भाइयों का तारों ओेर गुलाल डाला जेब में, हैं पूरे पड़े चार और हाँजी, आज बृज की होली बन रही hardcore

Verse 6

Original

Park और मोहल्ले की गलियों में भग रहे हैं भीगे पापा के मत्थों पे रंगों के टीके सब गा रहे दिल से और सब रंगीन हैं ना कोई किसी के ऊपर, ना कोई किसी के नीचे

Verse 7

Original

भीगा आया घर में गुजिया खाने, uh वापिस भरा गुब्बरों में पानी, uh है खेली गीली मिट्टी में भी होली, ooh रंगों के नीचे नहीं देखी जाती

Verse 8

Original

हमारी वो ज़िद है रंग जो ना मिटे, भंग ने ना हिले, लौंडे क़ातिल हैं जहाँ भी होती तफ़री, बंदे शामिल हैं बहाना चाहिए बस एक, खुलेंगी बोतलें

Verse 9

Original

आज हवा में रंग है तो रोको समय इस भोले में दम है तो BT परे त्योहारों पे याद आती कि एक घर है जहाँ बेपनाह प्यार है पर हम हैं भूखे तो भले रह लूँगा, भूखा निशाना कभी ना चूके

Verse 10

Original

झूमे, खेले जाओ, कोई नहीं देख रहा है पिचकारी मोटी है, कोई नहीं बच पाए है मुँह पे पक्का रंग और उसे पता भी नहीं, भाई तेरा भाई Seedhe Maut

Verse 11

Original

मोरे सैयाँ जो आए पलट के होली मैं खेलूँगी डट के मोरे सैयाँ जो आए पलट के होली मैं खेलूँगी डट के

Verse 12

Original

उनके पीछे मैं चुपके से जाके ये गुलाल अपने तन से लगा के रंग दूँगी उन्हें भी लिपट के होली मैं खेलूँगी डट के मोरे सैयाँ जो आए पलट के होली मैं खेलूँगी डट के

Verse 13

Original

ना छोटा, ना मोटा, ना काला, ना गोरा ना जाती, ना पाती, ना कौन किसका पोता यहाँ सबके लगेंगे रंग, कौन हमें रोका? ये होली का season है, आ, इसमें खोजा

Verse 14

Original

साथ अपने मिलके ये रंगों का त्योहार ख़ुशियों में खिल के ये रंगों का त्योहार टुकड़ों को सिल के ये रंगों का त्योहार ला मुझको bill दे ये रंगों का त्योहार

Verse 15

Original

ठुमक-ठुमक के फागुन आया, संग-संग लाया ठुमरी राग रंग में भीगा गमछा, भीग गई रे चुनरी ओ, ठुमक-ठुमक के फागुन आया, संग-संग लाया ठुमरी राग रंग में भीग गई रे नगरी हमरी-तुमरी

Verse 16

Original

क्योंकि... आज बिरज में... आज बिरज में... आज बिरज में... आज बिरज में... (रंगों का त्योहार)

Mahan feat. Maithili Thakur, Seedhe Maut & Ravi Kishan

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