Jai Santoshi Mata
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Jai Santoshi Mata
Original
जय सन्तोषी माता मैया, सन्तोषी माता अपने सेवक जन की अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता जय सन्तोषी माता
(जय सन्तोषी माता)
Original
(मैया, सन्तोषी माता) (अपने सेवक जन की) (अपने सेवक जन की) (सुख सम्पति दाता) (जय सन्तोषी माता)
Verse 3
Original
सुन्दर चीर सुनहरी, माँ धारण कीन्हो (मैया, धारण कीन्हो) हीरा पन्ना दमके (हीरा पन्ना दमके) तन श्रृंगार लीन्हो (जय सन्तोषी माता)
Verse 4
Original
गेरू लाल छटा छबि, बदन कमल सोहे (मैया, बदन कमल सोहे) मंद हँसत करुणामयी (मंद हँसत करुणामयी) त्रिभुवन मन मोहे (जय सन्तोषी माता)
Verse 5
Original
स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर दुरे प्यारे (मैया, चंवर दुरे प्यारे) धूप, दीप, मधु, मेवा (धूप, दीप, मधु, मेवा) भोग धरे न्यारे (जय सन्तोषी माता)
Verse 6
Original
गुड़ और चना परम प्रिय, तामें संतोष किए (मैया, तामें संतोष किए) संतोषी कहलाई (संतोषी कहलाई) भक्तन विभव दिए (जय सन्तोषी माता)
Verse 7
Original
शुक्रवार प्रिय मानती, आज दिवस सोही (मैया, आज दिवस सोही) भक्त मंडली छाई (भक्त मंडली छाई) कथा सुनत मोही (जय सन्तोषी माता)
Verse 8
Original
मंदिर जग-मग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई (मैया, मंगल ध्वनि छाई) विनय करें हम सेवक (विनय करें हम सेवक) चरनन सिर नाई (जय सन्तोषी माता)
Verse 9
Original
भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै (मैया, अंगीकृत कीजै) जो मन बसे हमारे (जो मन बसे हमारे) इच्छित फल दीजै (जय सन्तोषी माता)
Verse 10
Original
दुखी, दरिद्री, रोगी संकट मुक्त किए (मैया, संकट मुक्त किए) बहु धन-धान्य भरे घर (बहु धन-धान्य भरे घर) सुख सौभाग्य दिए (जय सन्तोषी माता)
Verse 11
Original
ध्यान धरे जन तेरा, मन वांछित फल पायो (मन वांछित फल पायो) पूजा, कथा, श्रवण कर (पूजा, कथा, श्रवण कर) घर आनंद आयो (जय सन्तोषी माता)
Verse 12
Original
शरण गहे की लज्जा, रखियो जगदम्बे (मैया, रखियो जगदम्बे) संकट तू ही निवारे (संकट तू ही निवारे) दयामयी अम्बे (जय सन्तोषी माता)
Verse 13
Original
शुक्रवार प्रिय मानती, आज दिवस सोही (मैया, आज दिवस सोही) भक्त मंडली छाई (भक्त मंडली छाई) कथा सुनत मोही (जय सन्तोषी माता)
Verse 14
Original
सन्तोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे (मैया, जो कोई जन गावे) रिद्धि-सिद्धि सुख सम्पति (रिद्धि-सिद्धि सुख सम्पति) जी-भर के पावे (जय सन्तोषी माता)
Verse 15
Original
जय सन्तोषी माता मैया, सन्तोषी माता अपने सेवक जन की अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता जय सन्तोषी माता
(जय सन्तोषी माता)
Original
(मैया, सन्तोषी माता) (अपने सेवक जन की) (अपने सेवक जन की) (सुख सम्पति दाता) (जय सन्तोषी माता)
