Lakshmi Chalisa
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 52 sections
Lakshmi Chalisa
Original
मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास मनो कामना सिद्ध करि, पुरवहु मेरी आस
Verse 2
Original
सिन्धु सुता मैं सुमिरौं तोही ज्ञान बुद्धि विद्या दो मोहि
Verse 3
Original
तुम समान नहिं कोई उपकारी सब विधि पुरबहु आस हमारी
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 5
Original
जै जै जगत जननि जगदम्बा सबकि तुमही हो अवलम्बा
Verse 6
Original
तुम ही हो सब घट घट कि वासी विनती यही हमारी खासी
Verse 7
Original
जग जननी जय सिन्धु कुमारी दीनन की तुम हो हितकारी
Verse 8
Original
विनवौं नित्य तुमहिं महारानी कृपा करौ जग जननि भवानी
Verse 9
Original
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी सुधि लीजै अपराध बिसारी
Verse 10
Original
कृपा दृष्टि चितवो मम ओरी जगत जननि विनती सुन मोरी
Verse 11
Original
ज्ञान बुद्धि जय सुख की दाता संकट हरो हमारी माता
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 13
Original
क्षीर सिंधु जब विष्णु मथायो १४ रत्न सिंधु में पायो
Verse 14
Original
१४ रत्न में तुम सुखरासी सेवा कियो प्रभुहिं बनि दासी
Verse 15
Original
जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा रूप बदल तहं सेवा कीन्हा
Verse 16
Original
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा
Verse 17
Original
तब तुम प्रकट जनकपुरि माहीं सेवा कियो हृदय पुलकाहीं
Verse 18
Original
अपनाया तोहि अन्तर्यामी विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी
Verse 19
Original
तुम सब प्रबल शक्ति नहिं आनी कहँ तक महिमा कहौं बखानी
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 21
Original
मन कर्म वचन करै सेवकाई मन इच्छित वांछित फल पाई
Verse 22
Original
तजि छल कपट और चतुराई पूजहिं विविध भाँति मन लाई
Verse 23
Original
और हाल मैं कहौं बुझाई जो यह पाठ करे मन लाई
Verse 24
Original
ताको कोई कष्ट न होई मन इच्छित फल पावै फल सोई
Verse 25
Original
त्राहि-त्राहि जय दुःख निवारिणी त्रिविध ताप भव बंधन हारिणि
Verse 26
Original
जो यह चालीसा पढ़े-पढ़ावे ध्यान लगाकर सुने-सुनावै
Verse 27
Original
ताको कोई न रोग सतावै पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 29
Original
पुत्र हीन और सम्पत्ति हीना अन्ध बधिर कोढ़ी अति दीना
Verse 30
Original
विप्र बुलाय कै पाठ करावै शंका दिल में कभी न लावै
Verse 31
Original
पाठ करावै दिन चालीसा ता पर कृपा करें गौरीसा
Verse 32
Original
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै कमी नहीं काहू की आवै
Verse 33
Original
१२ मास करे जो पूजा तेहि सम धन्य और नहिं दूजा
Verse 34
Original
प्रतिदिन पाठ करै मन माहीं उन सम कोई जग में कहु नाहिं
Verse 35
Original
बहु विधि क्या मैं करौं बड़ाई लेय परीक्षा ध्यान लगाई
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 37
Original
करि विश्वास करैं व्रत नेमा होय सिद्ध उपजै उर प्रेमा
Verse 38
Original
जय जय जय लक्ष्मी भवानी सब में व्यापित हो गुण खानी
Verse 39
Original
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं तुम सम कोउ दयाल कहूँ नाहीं
Verse 40
Original
मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै संकट काटि भक्ति मोहि दीजे
Verse 41
Original
भूल चूक करी क्षमा हमारी दर्शन दीजै दशा निहारी
Verse 42
Original
बिन दरशन व्याकुल अधिकारी तुमहिं अक्षत दुःख सहते भारी
Verse 43
Original
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्धि है तन में सब जानत हो अपने मन में
Verse 44
Original
रूप चतुर्भुज करके धारण कष्ट मोरे अब करहु निवारण
Verse 45
Original
रूप चतुर्भुज करके धारण कष्ट मोरे अब करहु निवारण
Verse 46
Original
कहि प्रकार मैं करौं बड़ाई ज्ञान बुद्धि मोहिं नहिं अधिकाई
Verse 47
Original
कहि प्रकार मैं करौं बड़ाई ज्ञान बुद्धि मोहिं नहिं अधिकाई
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता) त्राहि त्राहि दुख हारिणी
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) हरो वेगि सब त्रास (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
Verse 50
Original
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता) जयति जयति जय लक्ष्मी (तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता) करो शत्रु को नाश
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)
(जय, जय, जय लक्ष्मी माता)
Original
(तुम ही सुख-संपत्ति दाता) (जय, जय, जय लक्ष्मी माता) (तुम ही सुख-संपत्ति दाता)