Ram Chalisa
Complete lyrics with original text, transliteration, and meaning, 38 sections
Ram Chalisa
Original
जय गणेश गिरिजा सुमन, मंगल मूल सुजान कहत अयोध्या दासे तुम, देहू अभय वरदान
Verse 2
Original
(जय सिया राम, जय सिया राम) (जय सिया राम, जय सिया राम)
Verse 3
Original
श्री रघुबीर भक्त हितकारी सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी निशि दिन ध्यान धरै जो कोई ता सम भक्त और नहिं होई
Verse 4
Original
ध्यान धरे शिवजी मन माहीं ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं जय जय जय रघुनाथ कृपाला सदा करो सन्तन प्रतिपाला
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 6
Original
दूत तुम्हार वीर हनुमाना जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना तव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला रावण मारि सुरन प्रतिपाला
Verse 7
Original
तुम अनाथ के नाथ गोसाईं दीनन के हो सदा सहाई ब्रह्मादिक तव पार न पावैं सदा ईश तुम्हरो यश गावैं
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 9
Original
चारिउ वेद भरत हैं साखी तुम भक्तन की लज्जा राखी गुण गावत शारद मन माहीं सुरपति ताको पार न पाहीं
Verse 10
Original
नाम तुम्हार लेत जो कोई ता सम धन्य और नहिं होई राम नाम है अपरम्पारा चारिहु वेदन जाहि पुकारा
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 12
Original
गणपति नाम तुम्हारो लीन्हों तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों शेष रटत नित नाम तुम्हारा महि को भार शीश पर धारा
Verse 13
Original
फूल समान रहत सो भारा पावन कोउ न तुम्हरो पारा भरत नाम तुम्हरो उर धारो तासों कबहुँ न रण में हारो
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 15
Original
नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा सुमिरत होत शत्रु कर नाशा लषन तुम्हारे आज्ञाकारी सदा करत सन्तन रखवारी
Verse 16
Original
ताते रण जीते नहिं कोई युद्ध जुरे यमहूँ किन होई महालक्ष्मी धर अवतारा सब विधि करत पाप को छारा
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 18
Original
सीता नाम पुनीता गायो भुवनेश्वरी ही प्रभाव दिखायो घट सों प्रकट भई सो आई जाको देखत चन्द्र लजाई
Verse 19
Original
सो तुमरे नित पांव पलोटत नवो निद्धि चरणन में लोटत सिद्धि १८ मंगल कारी सो तुम पर जावै बलिहारी
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 21
Original
औरहु जो अनेक प्रभुताई सो सीतापति तुमहिं बनाई इच्छा ते कोटिन संसारा रचत न लागत पल की बारा
Verse 22
Original
जो तुम्हरे चरनन चित लावै ताको मुक्ति अवसि हो जावै जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 24
Original
सत्य सत्य जय सत्य ब्रत स्वामी सत्य सनातन अन्तर्यामी सत्य भजन तुम्हरो जो गावै सो निश्चय चारों फल पावै
Verse 25
Original
सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं सुनहु राम तुम तात हमारे तुमहिं भरत कुल पूज्य प्रचारे
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 27
Original
तुमहिं देव कुल देव हमारे तुम गुरु देव प्राण के प्यारे
Verse 28
Original
जो कुछ हो सो तुमहीं राजा जय जय जय प्रभु राखो लाजा रामा आत्मा पोषण हारे जय जय जय दशरथ के दुलारे
Verse 29
Original
ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा नमो-नमो जय जगपति भूपा
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 31
Original
धन्य-धन्य तुम धन्य प्रतापा नाम तुम्हार हरत संतापा सत्य शुद्ध देवन मुख गाया बजी दुन्दुभी शंख बजाया
Verse 32
Original
सत्य सत्य तुम सत्य सनातन तुमहीं हो हमरे तन, मन, धन याको पाठ करे जो कोई ज्ञान प्रकट ताके उर होई
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 34
Original
आवागमन मिटै तिहि केरा सत्य वचन माने शिव मेरा और आस मन में जो होई मनवांछित फल पावे सोई
Verse 35
Original
तीनहू काल ध्यान जो ल्यावै तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै साग पत्र सो भोग लगावै सो नर सकल सिद्धता पावै
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम)
Verse 37
Original
अन्त समय रघुबर पुर जाई जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई श्री हरि दास कहै अरु गावै सो वैकुण्ठ धाम को पावै
(जय सिया राम)
Original
(जय सिया राम) (जय सिया राम) राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय आ, सकल सिद्ध हो जाय