Sankat Mochan
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Sankat Mochan
Original
बाल समय रवि भक्षी लियो तब तीनहुँ लोक भयो अंधियारों ताहि सों त्रास भयो जग को यह संकट काहु सों जात न टारो
Verse 2
Original
देवन आनि करी विनती तब छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो
Verse 3
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 4
Original
बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि जात महाप्रभु पंथ निहारो चौंकि महामुनि साप दियो तब चाहिए कौन बिचार बिचारो
Verse 5
Original
कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु सो तुम दास के सोक निवारो
Verse 6
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 7
Original
अंगद के संग लेन गए सिय खोज कपीस यह बैन उचारो जीवत ना बचिहौ हम सो जु बिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो
Verse 8
Original
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब लाए सिया-सुधि प्राण उबारो
Verse 9
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 10
Original
रावण त्रास दई सिय को तब राक्षसी सों कही सोक निवारो ताहि समय हनुमान महाप्रभु जाए महा रजनीचर मारो
Verse 11
Original
चाहत सीय असोक सों आगि सु दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो
Verse 12
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 13
Original
बान लग्यो उर लछिमन के तब प्राण तजे सुत रावन मारो लै गृह बैद्य सुखेन समेत तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो
Verse 14
Original
आनि संजीवन हाथ दई तब लछिमन के तुम प्रान उबारो
Verse 15
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 16
Original
रावन युद्ध अजान कियो तब नाग कि फाँस सबै सिर डारो श्रीरघुनाथ समेत सबै दल मोह भयो यह संकट भारो
Verse 17
Original
आनि खगेस तबै हनुमान जु बंधन काटि सुत्रास निवारो
Verse 18
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 19
Original
बंधु समेत जबै अहिरावन लै रघुनाथ पताल सिधारो देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो
Verse 20
Original
जाय सहाय भयो तब ही अहिरावन सैन्य समेत संहारो
Verse 21
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
Verse 22
Original
काज किये बड़ देवन के तुम बीर महाप्रभु देखि बिचारो कौन सो संकट मोर गरीब को जो तुमसों नहिं जात है टारो
Verse 23
Original
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो
Verse 24
Original
को नहीं जानत है जग में कपि संकटमोचन नाम तिहारो संकटमोचन नाम तिहारो
